पश्चिम चंपारण में जीविका से बदली 7.21 लाख परिवारों की तस्वीर, 1000 करोड़ से ज्यादा का मिला वित्तीय सहयोग, 1.89 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

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प्रतीकात्मक तस्वीर

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पश्चिम चंपारण में जीविका परियोजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण की एक मिसाल बन गई है। 1.89 लाख से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बनकर आत्मनिर्भर हुई हैं, वहीं 7.21 लाख परिवारों को आजीविका से जोड़ा गया है।

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Lakhpati Didi West Champaran: पश्चिम चंपारण में जीविका परियोजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण की मजबूत कड़ी बनकर उभरी है. जिले में अब तक 52,114 महिला स्वयं सहायता समूह, 2,735 ग्राम संगठन और 57 संकुल स्तरीय संघ गठित किए जा चुके हैं. इनसे जुड़े 7,21,595 परिवारों को आजीविका से जोड़ने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बैंक और विभिन्न वित्तीय योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है.

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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से लाखों महिलाओं को लाभ

जीविका के माध्यम से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का भी प्रभावी संचालन किया जा रहा है. जिले में अब तक 7,19,361 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है.

सभी प्रखंडों में महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए स्वरोजगार, कौशल विकास और विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.

1.89 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे लखपति दीदी अभियान को जिले में अच्छी सफलता मिली है.

वर्तमान में पश्चिम चंपारण में 1,89,779 लखपति दीदियां विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के जरिए अपनी आय बढ़ाकर आर्थिक रूप से मजबूत बन चुकी हैं.

'दीदी की रसोई' से 300 महिलाओं को मिला रोजगार

जिले में जीविका समूहों की ओर से 12 "दीदी की रसोई" का सफल संचालन किया जा रहा है. इस पहल से करीब 300 महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है, जिससे उनकी आमदनी में भी वृद्धि हुई है.

सामाजिक बदलाव की भी बन रही मिसाल

जीविका केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता अभियान भी चला रही है. जीविका दीदियां ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार इन विषयों पर लोगों को जागरूक कर रही हैं:

प्रमुख अभियानउद्देश्य
मद्यनिषेधनशामुक्त समाज
बाल विवाह उन्मूलनबाल विवाह पर रोक
दहेज प्रथा विरोधसामाजिक कुरीतियों का अंत
महिला सशक्तीकरणमहिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
सामाजिक जागरूकताग्रामीण विकास और भागीदारी

जिला परियोजना प्रबंधक ने क्या कहा?

जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक ने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ सामाजिक रूप से सशक्त करने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है. इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है.


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