एक बार फिर निर्विरोध चुने गए हरिनारायण काजी, अब जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी

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ईडीसी चुनाव संपन्न कराते पदाधिकारी

वाल्मीकिनगर के दरूआबारी गांव में ईको विकास समिति (EDC) का द्विवार्षिक चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें हरिनारायण काजी को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया. यह समिति वन एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका और सामाजिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

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Valmikinagar News: वन प्रमंडल-2 के दरूआबारी गांव में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए गठित ईको विकास समिति (EDC) का द्विवार्षिक चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से हरिनारायण काजी को एक बार फिर समिति का अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया. वहीं पार्वती देवी को उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया. चुनाव के दौरान वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया.

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EDC चुनाव में हरिनारायण काजी पर फिर जताया भरोसा

वरीय अधिकारियों के निर्देश पर वनपाल आशीष कुमार के नेतृत्व में चुनाव कराया गया. वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि हरिनारायण काजी इससे पहले भी निर्विरोध अध्यक्ष चुने जा चुके हैं. कार्यकाल पूरा होने के बाद नियमानुसार दोबारा चुनाव कराया गया, जिसमें ग्रामीणों ने फिर उन पर भरोसा जताया.

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का ग्रामीण करते हैं चयन

ईको विकास समिति में सचिव का पद वनपाल के पास रहता है, जबकि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सहसचिव का चयन ग्रामीणों द्वारा किया जाता है. चुनाव प्रक्रिया में ग्रामीणों की भागीदारी से समिति के संचालन में स्थानीय लोगों की भूमिका सुनिश्चित होती है.

जंगल को आग और वन अपराध से बचाना प्राथमिकता

नवनिर्वाचित अध्यक्ष हरिनारायण काजी ने ग्रामीणों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सभी को साथ लेकर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे. उन्होंने वन अपराधों पर रोक लगाने, जंगल को आग से बचाने और वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही.

ग्रामीणों और वन विभाग के बीच मजबूत कड़ी है EDC

ईको विकास समिति जंगल से सटे गांवों में वन विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती है. समिति के माध्यम से ग्रामीणों को वन संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ा जाता है और जंगल से संबंधित समस्याओं के समाधान में उनकी भागीदारी बढ़ाई जाती है.

ग्रामीणों को आजीविका में भी मिलती है मदद

EDC के माध्यम से जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को आजीविका से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इसमें बकरी पालन, सिलाई मशीन सहित अन्य सहयोग शामिल है. इससे ग्रामीणों को वैकल्पिक रोजगार के अवसर मिलते हैं और जंगल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.

बेटियों के विवाह में भी समिति करती है सहयोग

ग्रामीण परिवारों की जरूरतों को देखते हुए EDC की ओर से बेटियों के विवाह के दौरान टेंट, जेनरेटर और बर्तन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं. इस तरह समिति वन संरक्षण के साथ ग्रामीणों के सामाजिक और आर्थिक जीवन से भी जुड़ी हुई है.

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