बेतिया: जिस घर में गूंज रही थी छठियार की खुशियां, वहीं बस ने उजाड़ दीं पांच जिंदगियां
बिलखते परिजन
बेतिया के बनकटवा गांव में छठियार समारोह के दौरान एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया. तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े लोगों की भीड़ में घुस गई, जिससे 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
Bettiah News: लौरिया. बनकटवा गांव में शुक्रवार की रात एक बच्चे के छठियार समारोह की खुशियां अचानक चीख-पुकार में बदल गयीं. घर के बाहर आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम चल रहा था और सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटे थे. इसी दौरान तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर भीड़ में घुस गयी. हादसे में देवेंद्र दुबे, राकेश कुमार दुबे उर्फ भोला दुबे, संजय कुमार, बहादुर महतो और छागू राम की मौत हो गयी. कई अन्य लोग घायल हुए. घटना के बाद गांव में मातम पसर गया.
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Lauriya News: छठियार की तैयारियों के बीच मचा कोहराम
देवेंद्र दुबे के छोटे बेटे का छठियार था. इसको लेकर घर में रिश्तेदारों की चहल-पहल थी. बच्चे खेल रहे थे और बुजुर्ग समारोह की तैयारियों में जुटे थे. घर के बाहर आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम चल रहा था. बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार सड़क किनारे खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे.
इसी दौरान तेज रफ्तार बस अचानक भीड़ में घुस गयी. पलक झपकते ही समारोह का माहौल चीख-पुकार में बदल गया. लोग अपनों को तलाशते हुए इधर-उधर दौड़ने लगे. सड़क पर घायल पड़े लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया.
हादसे में पांच लोगों की मौत
दुर्घटना में देवेंद्र दुबे, राकेश कुमार दुबे उर्फ भोला दुबे, संजय कुमार, बहादुर महतो और छागू राम की मौत हो गयी. हादसे के बाद कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गयीं.
सबसे बड़ा आघात देवेंद्र दुबे के परिवार पर पड़ा. जिस घर में छोटे बेटे के छठियार की खुशी में रिश्तेदार जुटे थे, उसी समारोह के दौरान परिवार ने अपना सदस्य खो दिया.
शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम

शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद पांचों शव गांव पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया. परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा गांव दहल उठा. कुछ घंटे पहले जिन रास्तों से रिश्तेदार खुशी में समारोह में शामिल होने पहुंचे थे, उन्हीं रास्तों से अब शव घर पहुंच रहे थे.
छठियार की खुशी वाले घर में मातम पसरा रहा. हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गयी.
चार घंटे तक एनएच-727 पर रहा जाम

पांचों शवों को एनएच-727 पर रखकर परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया. करीब चार घंटे तक एनएच पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही.
इस दौरान प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया. बाद में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये का चेक दिया गया. इसके बाद शवों को सड़क से हटाया गया और यातायात बहाल हुआ.
सड़क खुली, लेकिन गांव का दर्द बरकरार
एनएच-727 पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गयी, लेकिन बनकटवा गांव में मातम छाया रहा. जिस घर में बच्चे के छठियार की खुशी मनायी जा रही थी, वहां अब शोक का माहौल है.
आर्केस्ट्रा और खुशियों से भरी वह रात अब गांव के लोगों की यादों में एक दर्दनाक हादसे के रूप में दर्ज हो गयी है. पांच परिवारों के लिए यह दुर्घटना अपूरणीय क्षति बन गयी.
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