नौतन में कृषि सम्मेलन-सह-किसान मेला, 1500 किसानों ने लिया हिस्सा, जैविक खेती और बकरी पालन की मिली जानकारी
कृषि सह किसान मेला का उद्घाटन करते सांसद डां संजय जयसवाल व अन्य
नौतन प्रखंड में आयोजित कृषि सम्मेलन-सह-किसान मेले में 1500 किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम में आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों, जैविक कीटनाशक के उपयोग और बकरी पालन से आय बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया गया.
Bettiah News: नौतन प्रखंड के छौराहा स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय परिसर में रविवार को कृषि सम्मेलन-सह-किसान मेला आयोजित किया गया. समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान की ओर से संचालित समेकित आजीविका परियोजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में अमावा मझार पंचायत के 10 गांवों के 75 समूहों से जुड़े करीब 1500 किसानों ने हिस्सा लिया.
कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के साथ खेती की लागत कम करने और आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने की जानकारी दी गयी. विशेषज्ञों ने बहुस्तरीय सब्जी खेती, जैविक कीटनाशी के उपयोग और बकरी पालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के उपाय बताए.
1500 किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी
संस्थान के कार्यकर्ता नदीम अहमद ने समेकित आजीविका परियोजना के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 से संचालित परियोजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आधुनिक व टिकाऊ कृषि से जोड़ना है.
सम्मेलन में किसानों को मौसम के अनुसार फसल का चयन, उन्नत बीज, सिंचाई प्रबंधन, जैविक खाद और पौध संरक्षण से संबंधित जानकारी दी गयी. विशेषज्ञों ने खेती में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया.
जैविक कीटनाशी से खेती की लागत कम करने पर जोर
कार्यक्रम में जैविक कीटनाशी के इस्तेमाल को लेकर किसानों को जानकारी दी गयी. विशेषज्ञों ने खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी और पर्यावरण संरक्षण के लिए जैविक कीटनाशी के उपयोग पर जोर दिया.
किसानों को जैविक कीटनाशी तैयार करने और खेतों में इसके सही इस्तेमाल की विधि भी बतायी गयी. फसल में कीट नियंत्रण के लिए उचित उपाय अपनाने और पौधों के संरक्षण पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की.
बकरी पालन से अतिरिक्त आय का बताया तरीका
विशेषज्ञों ने किसानों को बकरी पालन को अतिरिक्त आय के महत्वपूर्ण साधन के रूप में अपनाने की जानकारी दी. इसके लिए उन्नत नस्ल के चयन, उचित आहार, समय पर टीकाकरण और रोग नियंत्रण के बारे में बताया गया.
इसके अलावा बकरी पालन को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और बाजार प्रबंधन पर भी जानकारी दी गयी. किसानों को खेती के साथ पशुपालन को आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में विकसित करने के उपाय समझाये गये.
किसानों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. संजय जायसवाल, कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी निखिल कुमार और कृषि समन्वयक शौरभ कुमार मौजूद रहे.
किसान सुशील जायसवाल, उद्यान पंडित से सम्मानित राघवशरण प्रसाद, पशुराम सिंह, दशरथ प्रसाद और अनिता देवी ने अपने अनुभव साझा किये. कार्यक्रम में अतिथियों का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया.
किसान मेले में लगायी गयी कृषि प्रदर्शनी
कृषि सम्मेलन के साथ किसान मेले में खेती, जैविक खाद, जैविक कीटनाशी और बकरी पालन से संबंधित प्रदर्शनी भी लगायी गयी. किसानों ने प्रदर्शनी के माध्यम से कृषि और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं.
कार्यक्रम का संचालन अमित कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन परियोजना समन्वयक अफरोज आलम ने किया.
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