बेतिया: लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल में प्रभात खबर का निशुल्क सीपीआर प्रशिक्षण, सिखाई गईं जीवनरक्षक बारीकियां

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प्रभात खबर और चंपारण फाउंडेशन द्वारा लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल में निशुल्क सीपीआर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में लोगों को आपात स्थिति में जीवन बचाने की महत्वपूर्ण तकनीक सिखाई गई. प्रशिक्षक डॉ. उमेश कुमार ने डमी के माध्यम से सीपीआर देने की पूरी प्रक्रिया को क्रमबद्ध रूप से समझाया.

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निशुल्क सीपीआर प्रशिक्षण: प्रभात खबर और चंपारण फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में बेतिया के मनुवापुल गुरवलिया स्थित लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में निशुल्क सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में विद्यार्थियों, शिक्षकों और गणमान्य नागरिकों को कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में मानव जीवन बचाने की वैज्ञानिक तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.

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फोटो02: डॉ उमेश कुमार, प्रशिक्षक सह वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन | Prabhat Khabar Network
डॉ उमेश कुमार, प्रशिक्षक सह वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन

कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक सह प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. उमेश कुमार ने कहा कि एक चिकित्सक हर समय और हर जगह मौजूद नहीं रह सकता, लेकिन प्राथमिक सीपीआर जानने वाला सजग नागरिक किसी भी स्थान पर पीड़ित के लिए जीवन की पहली उम्मीद साबित हो सकता है. उन्होंने बताया कि अचानक दिल की धड़कन रुकने या सांस बंद होने पर शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. सही तकनीक से दिया गया सीपीआर मरीज के मस्तिष्क और दिल तक ऑक्सीजन युक्त रक्त संचार को बनाए रखता है.

डॉ. उमेश कुमार ने बताए सीपीआर के प्रमुख चरण

फोटो01: लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल में सीपीआर का प्रशिक्षण देते डॉ उमेश कुमार, मौजूद सच्चिदानंद ठाकुर, कुंदन शांडिल्य व छात्र-छात्राएं | Prabhat Khabar Network
लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल में सीपीआर का प्रशिक्षण देते डॉ उमेश कुमार, मौजूद सच्चिदानंद ठाकुर, कुंदन शांडिल्य व छात्र-छात्राएं

डॉ. उमेश कुमार ने डमी के माध्यम से सीपीआर देने की पूरी प्रक्रिया को क्रमबद्ध रूप से समझाया:

  • सुरक्षा व प्रतिक्रिया की जांच: सबसे पहले स्वयं और पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करें. पीड़ित को समतल व सख्त सतह पर सीधा लिटाकर कंधे थपथपाएं और आवाज देकर प्रतिक्रिया जांचें.
  • आपातकालीन सेवा को सूचना: यदि व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो और कोई हलचल न हो, तो तुरंत एंबुलेंस और मेडिकल टीम को कॉल करें.
  • चेस्ट कंप्रेशन की तकनीक: अपनी दोनों हथेलियों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर उंगलियों को आपस में फंसाएं. छाती के बीचों-बीच रखकर कोहनी को सीधा रखते हुए 5 सेंटीमीटर गहरा दबाव दें.
  • गति और अनुपात: छाती दबाने की गति 100 से 120 प्रति मिनट होनी चाहिए. 30 बार छाती दबाने के बाद दो बार मुंह से कृत्रिम सांस दें. 30 कंप्रेशन लगभग 15 से 18 सेकंड में पूरे होने चाहिए.
  • लगातार प्रयास: यह प्रक्रिया तब तक बिना रुके जारी रखें जब तक एंबुलेंस न आ जाए या मरीज में होश न लौटने लगे.

जागरूकता पहल की प्रबुद्धजनों ने की सराहना

कार्यक्रम का संचालन चंपारण फाउंडेशन के समन्वयक सच्चिदानंद ठाकुर और धन्यवाद ज्ञापन लक्ष्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के निदेशक कुंदन शांडिल्य ने किया. मौके पर मौजूद विद्यालय निदेशक कौशल किशोर झा, कुशराज नेशनल पब्लिक स्कूल के निदेशक अनुराग कुमार, योगीपीर बाबा स्कूल के निदेशक आशीष तिवारी, शिक्षिका अपर्णा सिन्हा, प्रधानाध्यापक रंजीत कुमार वर्मा, प्रधानाध्यापक मोहम्मद अनीस और व्यवसायी विजय कुमार राव ने कहा कि आपात स्थिति में तमाशबीन बनने के बजाय मददगार बनने के लिए सीपीआर प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है. उन्होंने इस सामाजिक सरोकार के लिए प्रभात खबर की भूरि-भूरि प्रशंसा की.

बोले लोग, सीपीआर प्रशिक्षण देना प्रभात खबर की सराहनीय पहल

सीपीआर का प्रशिक्षण सिर्फ एक तकनीक सीखना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर किसी की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी समझना है. प्रभात खबर के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम अधिक से अधिक लोगों को सीपीआर के प्रति जागरूक करने और उन्हें आत्मविश्वास देने वाला प्रयास है. कुंदन शांडिल्य, निदेशक लक्ष्य ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन

सीपीआर की जानकारी आज के समय में हर जागरूक नागरिक के लिए जरूरी है. प्रभात खबर के साथ मिलकर चंपारण फाउंडेशन का यह प्रयास समाज में आपात स्थिति से निपटने और लोगों को जीवन बचाने का हुनर सिखाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है.

फोटो: सच्चिदानंद ठाकुर | Prabhat Khabar Network
सच्चिदानंद ठाकुर,संयोजक चम्पारण फाउंडेशन

सीपीआर जैसी जीवनरक्षक तकनीक की जानकारी आम लोगों तक पहुंचना जरूरी है. प्रभात खबर के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम लोगों को जागरूक करने और समाज में जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने वाला है. अर्पणा सिन्हा, शिक्षिका

फोटो: अर्पणा सिन्हा | Prabhat Khabar Network
अर्पणा सिन्हा, शिक्षिका

सीपीआर का प्रशिक्षण हर व्यक्ति के लिए उपयोगी है. किसी भी आपात स्थिति में शुरुआती मदद बहुत महत्वपूर्ण होती है. अनुराग कुमार, निदेशक कुशराज नेशनल पब्लिक स्कूल

फोटो: अनुराग कुमार | Prabhat Khabar Network
अनुराग कुमार

सीपीआर की जानकारी किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन की पहली उम्मीद बन सकती है. ऐसे प्रशिक्षण से लोगों में जागरूकता और आपात स्थिति में मदद करने का आत्मविश्वास बढ़ता है. आशीष तिवारी, निदेशक योगीपीर बाबा स्कूल

फोटो: आशीष तिवारी | Prabhat Khabar Network
आशीष तिवारी

सीपीआर सीखना हर नागरिक के लिए जरूरी है. सही समय पर सही तरीके से किया गया प्रयास किसी की जिंदगी बचाने में मदद कर सकता है. यह कार्यक्रम बेहद उपयोगी है. विजय कुमार राव, व्यवसायी

फोटो: विजय कुमार राव | Prabhat Khabar Network
विजय कुमार राव

सीपीआर का प्रशिक्षण हमें सिखाता है कि आपात स्थिति में सिर्फ तमाशबीन नहीं, बल्कि मददगार बनना चाहिए. प्रभात खबर की यह पहल समाज के लिए महत्वपूर्ण है. रंजीत कुमार वर्मा, प्रधानाध्यापक राजकीय स्कूल लौरिया

फोटो: रंजीत कुमार वर्मा | Prabhat Khabar Network
रंजीत कुमार वर्मा

सीपीआर की जानकारी किसी भी समय काम आ सकती है. इस तरह के प्रशिक्षण से लोगों को आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल और सही कदम उठाने की सीख मिलती है. मोहम्मद अनीस, प्रधानाध्यापक राजकीय स्कूल बैरिया

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सीपीआर की जानकारी होने पर आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही कदम उठाया जा सकता है. यह पहल लोगों को जीवन बचाने की उपयोगी जानकारी दे रही है. सुमन कुमारी, शिक्षिका

फोटो: सुमन कुमारी | Prabhat Khabar Network
सुमन कुमारी

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