भारत-नेपाल सीमा विवाद पर सीमा जागरण मंच की बैठक, सीमावर्ती गांवों की सुविधाओं का मुद्दा उठाने का निर्णय

समाधान के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग
सीमा जागरण मंच ने हवाई अड्डा चरघरिया गांव में बैठक कर भारत-नेपाल सीमावर्ती गांवों में भूमि विवाद और मूलभूत सुविधाओं की कमी के मुद्दों पर चर्चा की. ग्रामीणों ने प्रशासन से समाधान की मांग की है.
Valmikinagar News: भारत-नेपाल सीमा से जुड़े भूमि विवाद और सीमावर्ती गांवों में मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे को लेकर रविवार को हवाई अड्डा चरघरिया गांव में सीमा जागरण मंच, पश्चिमी चंपारण की जिला इकाई की बैठक आयोजित की गई. बैठक में मंच के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए प्रशासन से समाधान की मांग उठाने का निर्णय लिया.
बैठक की अध्यक्षता जिला महामंत्री गोविंद कुमार यादव ने की.
1,500 ग्रामीणों की समस्याओं पर हुई चर्चा
बैठक में बाढ़ प्रभावित चकदहवा, झंडू टोला, बिन टोली और कान्ही टोला के करीब 1,500 ग्रामीणों की समस्याओं पर चर्चा की गई.
सीमा जागरण मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नेपाल की ओर से भारतीय भूमि पर दावा किए जाने के कारण इन गांवों तक सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रभावित हो रहा है.
भारतीय अभिलेखों का दिया हवाला
जिला महामंत्री गोविंद कुमार यादव ने दावा किया कि जिस भूमि से सड़क निर्माण प्रस्तावित है, उस पर नेपाल अपना दावा कर रहा है.
उन्होंने कहा कि भारतीय राजस्व अभिलेखों में यह क्षेत्र बलगंगवा के नाम से दर्ज है.
डीएम और केंद्र सरकार के समक्ष उठेगा मामला
बैठक में निर्णय लिया गया कि भूमि विवाद के स्थायी समाधान के लिए सीमा जागरण मंच का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी से मुलाकात करेगा.
साथ ही इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाने और इसके लिए एक विशेष समिति गठित करने का भी फैसला लिया गया.
हालिया विवाद का भी हुआ जिक्र
बैठक के दौरान उस हालिया घटना का भी उल्लेख किया गया, जिसमें मंच के अनुसार नेपाल की ओर से बांध निर्माण के दौरान कथित रूप से भारतीय क्षेत्र से मिट्टी और बोल्डर निकाले जाने पर वन विभाग ने आपत्ति दर्ज कराई थी. बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कार्य रुकवाया गया था.
सीमावर्ती नागरिकों के अधिकारों की उठी मांग
ग्रामीणों ने कहा कि यदि सीमावर्ती गांवों के लोग सतर्क नहीं रहते, तो विवादित भूमि पर नेपाल का कब्जा हो सकता था. यह दावा बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने किया.
बैठक में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि सीमावर्ती भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे. साथ ही देश की एक इंच भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किए जाने की बात दोहराई गई.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










