बेगूसराय में कार्बन क्रेडिट से किसानों की आय बढ़ाने की पहल, आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञों ने किया अध्ययन

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जीविका दीदियों के साथ आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञ दल | Prabhat Khabar Network

Begusarai News : बेगूसराय में आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञों ने जीविका दीदियों के पर्यावरण संरक्षण और कार्बन क्रेडिट प्रयासों की सराहना की. जानें कैसे बढ़ेगी किसानों की आय.

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Begusarai News : खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने की दिशा में जिले में नई संभावनाओं की तलाश शुरू हो गई है. इसी क्रम में आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञों के दो सदस्यीय दल ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दो दिवसीय भ्रमण किया. इस दौरान कार्बन क्रेडिट, पौधारोपण, टिकाऊ कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का जमीनी अध्ययन किया गया.

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विशेषज्ञ दल ने किसानों एवं जीविका दीदियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों को करीब से समझा और कार्बन क्रेडिट के माध्यम से उन्हें अतिरिक्त आय से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की. साथ ही खेती-किसानी को अधिक लाभप्रद बनाने, मिट्टी की गुणवत्ता एवं उर्वरता मजबूत करने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाने, कृषि लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने के उपायों का भी अध्ययन किया गया.

पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

भ्रमण के दौरान कार्बन क्रेडिट के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया. किसानों, विशेषकर महिला किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई.

आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञ अभ्यानंद सिंह मौर्य एवं परवीर मिश्रा ने जिला पदाधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारियों एवं जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने जिले में कृषि, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं जीविका द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी ली.

परिवर्तन संकुल संघ पहुंचा विशेषज्ञों का दल

क्षेत्र भ्रमण के क्रम में गुरुवार को विशेषज्ञ दल ने मटिहानी स्थित परिवर्तन संकुल संघ का भ्रमण किया. यहां जीविका दीदियों ने अपने कृषि कार्यों तथा हरित खाद के उत्पादन, उपयोग और उसके प्रभाव से जुड़े अनुभव विशेषज्ञों के साथ साझा किए.

जीविका दीदियों ने बताया कि हरित खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और कृषि लागत घटाने में मदद मिल रही है. जीविका दीदियों के प्रयासों से प्रभावित विशेषज्ञ दल के सदस्यों ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि जीविका दीदियां पर्यावरण की प्रहरी हैं. हरित खाद जैसे स्थानीय नवाचारों के माध्यम से वे टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.

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अन्य राज्यों में भी हरित खाद को बढ़ावा देने की जरूरत

क्षेत्र भ्रमण के बाद जीविका जिला कार्यालय में बैठक आयोजित की गई. बैठक में जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक अविनाश कुमार ने बेगूसराय में जीविका द्वारा संचालित कृषि संबंधी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने हरित खाद के उत्पादन, उपयोग, प्रभाव एवं भविष्य की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की.

आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञों ने जीविका दीदियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरित खाद जैसे प्रभावी एवं पर्यावरण अनुकूल नवाचारों को अन्य राज्यों में भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए. उन्होंने कार्बन क्रेडिट के माध्यम से किसानों एवं महिला किसानों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए अतिरिक्त आय का अवसर उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी जोर दिया.

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जीविका के अधिकारी और दीदियां रहीं मौजूद

मौके पर जीविका के प्रबंधक संतोष कुमार, मनोज कुमार मधुकर, बृजेन्द्र कुमार, राजीव रंजन, मटिहानी के बीपीएम मुन्ना कुमार सहित अन्य कर्मी एवं बड़ी संख्या में जीविका दीदियां मौजूद थीं.

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