मंझौल में नई प्रशासनिक जोड़ी से बदलाव की उम्मीद, खनन-नशा और भू-माफिया पर कार्रवाई की चुनौती

Updated:
विज्ञापन

स्टेट हाइवे 55 से बसों का जारी संचालन

Begusarai News : मंझौल में नए एसडीएम और एसडीपीओ की नियुक्ति से जनता को अवैध खनन, नशाखोरी और जमीन विवादों के समाधान की बड़ी उम्मीदें हैं. क्या बदलेगी व्यवस्था?

विज्ञापन

Begusarai News : मंझौल अनुमंडल में लंबे समय बाद प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व की नई जोड़ी ने एक साथ पदभार संभाला है. नए एसडीएम अमित कुमार और एसडीपीओ अमरकांत के पदभार ग्रहण करते ही अनुमंडल क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है. चाय की दुकानों से लेकर कोर्ट परिसर और बाजार तक लोगों के बीच एक ही सवाल चर्चा में है कि क्या अब मंझौल की व्यवस्था बदलेगी.

आपके शहर में

विज्ञापन

नई प्रशासनिक जोड़ी से लोगों की बढ़ीं उम्मीदें

पिछले कुछ वर्षों में मंझौल अनुमंडल कई चुनौतियों से जूझता रहा है. इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होने से आम लोगों में निराशा रही है. ऐसे में नए एसडीएम और एसडीपीओ के पदभार संभालने के बाद लोगों की उम्मीदें स्वाभाविक रूप से बढ़ गई हैं. लोगों को उम्मीद है कि नई टीम सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई के जरिए अनुमंडल की व्यवस्था में बदलाव लाएगी.

अवैध बालू खनन के पूरे सिंडिकेट की जांच की मांग

मंझौल अनुमंडल के विभिन्न घाटों और इलाकों में अवैध बालू खनन को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. आरोप है कि रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों और ट्रकों के जरिए बालू का अवैध परिवहन किया जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर यह कारोबार बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं है.

जनता की मांग है कि इस बार केवल एक-दो ट्रैक्टर पकड़कर कार्रवाई की खानापूर्ति न हो, बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच की जाए. बालू कहां से खनन किया जा रहा है, कहां भेजा जा रहा है और यह कारोबार किसके इशारे पर संचालित हो रहा है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. जांच में यदि किसी स्तर पर मिलीभगत के आरोप सामने आते हैं तो संबंधित लोगों पर भी कार्रवाई हो. पारदर्शी कार्रवाई से ही सरकार के राजस्व को हो रहे नुकसान को रोका जा सकता है.

नशे के कारोबार पर जड़ से प्रहार की जरूरत

अवैध शराब तस्करी और नशाखोरी इन दिनों मंझौल की गंभीर समस्याओं में शामिल है. कस्बों से लेकर गांवों तक सूखा नशा, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की उपलब्धता की चर्चा आम है. कई परिवार अपने युवाओं को नशे के दलदल में फंसते देख रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी अपेक्षा के अनुरूप इस दिशा में पुलिस कार्रवाई नहीं हो पाई है.

स्थानीय बुद्धिजीवियों के अनुसार अब तक की कार्रवाई अक्सर छोटे स्तर के विक्रेताओं तक सीमित रही है. लोगों को उम्मीद है कि नए एसडीपीओ अमरकांत नशे के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचेंगे. नशे की खेप कहां से आती है, बड़े सप्लायर कौन हैं और पैसों का लेन-देन किस तरह होता है, इसकी जांच कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की जरूरत है. स्कूल-कॉलेजों के आसपास विशेष निगरानी के साथ जन-जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग उठ रही है.

भू-माफिया और जमीन विवाद से परेशान लोग

मंझौल अनुमंडल में जमीन विवाद के मामले भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार भू-माफियाओं के कारण आम लोगों में भय और परेशानी की स्थिति है. कई बार मामूली विवाद भी हिंसक घटना में बदल जाता है. आरोप है कि कुछ संगठित तत्व फर्जी कागजात और दबंगई के बल पर लोगों की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करते हैं.

लोगों की मांग है कि अंचल और थाना स्तर पर जमीन विवादों के निपटारे के लिए आयोजित होने वाले जनता दरबार को और प्रभावी बनाया जाए. साथ ही भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.

दलाल और बिचौलियों से मुक्ति की भी बड़ी चुनौती

मंझौल के लोगों की एक बड़ी शिकायत कार्यालयों में कथित बिचौलिया तंत्र को लेकर भी है. लोगों का कहना है कि अंचल कार्यालय में जमाबंदी और दाखिल-खारिज से लेकर प्रखंड स्तर पर योजनाओं का लाभ लेने और थाने में शिकायत दर्ज कराने तक कई मामलों में उन्हें बिचौलियों का सहारा लेना पड़ता है.

जनता चाहती है कि प्रशासनिक व्यवस्था को दलाल और बिचौलिया मुक्त बनाया जाए. बिना पैसे और बिना सिफारिश के आम लोगों का काम हो, इसके लिए अधिकारियों को सीधे जनता की समस्याएं सुनने और शिकायतों का समयबद्ध निपटारा करने की व्यवस्था मजबूत करनी होगी.

खुले जनता दरबार और टोल फ्री नंबर की मांग

लोग चाहते हैं कि एसडीएम और एसडीपीओ सीधे जनता से संवाद करें. सप्ताह में एक दिन खुला जनता दरबार, टोल फ्री शिकायत नंबर और सरकारी कार्यालयों में अनधिकृत बिचौलियों के प्रवेश पर प्रभावी रोक जैसे कदमों से लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ सकता है. इससे आम लोगों को यह विश्वास भी मिलेगा कि बिना पैसे और बिना सिफारिश के उनकी शिकायतों पर सुनवाई होगी.

बस स्टैंड सब्जी मंडी में तब्दील | Prabhat Khabar Network
बस स्टैंड सब्जी मंडी में तब्दील | Prabhat Khabar Network

शाम चार से आठ बजे तक जाम से बेहाल रहता है मंझौल

मंझौल बस स्टैंड, मुख्य बाजार और स्टेट हाईवे-55 पर शाम चार बजे से रात आठ बजे तक जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है. सड़क किनारे फल और सब्जी की दुकानें लगना, ऑटो और ई-रिक्शा की बेतरतीब पार्किंग तथा फुटपाथ पर अतिक्रमण जाम के प्रमुख कारण हैं. इससे मरीजों, स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को काफी परेशानी होती है.

लोग केवल लाठी-डंडे के बल पर अतिक्रमण हटाने के बजाय स्थायी समाधान चाहते हैं. सब्जी विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन, नो-पार्किंग जोन का निर्धारण और ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती से समस्या का समाधान किया जा सकता है.

Also Read : जन्माष्टमी को लेकर प्रशासन अलर्ट, दाउदनगर में दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग

जयमंगला धाम और काबर झील से पर्यटन को मिल सकती है नई पहचान

मंझौल की पहचान 52 शक्तिपीठों में शामिल आदिशक्ति माता जयमंगला धाम और विश्व प्रसिद्ध काबर झील पक्षी विहार से भी है. यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. हालांकि पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

यदि नए प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं को बेहतर किया जाए तथा काबर क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ठोस योजना बनाई जाए तो मंझौल को बिहार के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिल सकती है. इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

Also Read : औरंगाबाद में सांप के डंसने से दो महिलाओं की मौत, झाड़-फूंक में गंवाया इलाज का अहम समय

अगले 100 दिन तय करेंगे बदलाव की दिशा

फिलहाल मंझौल की जनता नई प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है. लोगों के बीच नए एसडीएम और एसडीपीओ की कार्यशैली को लेकर चर्चा है, लेकिन जनता अब केवल आश्वासन पर भरोसा नहीं करना चाहती. अगले 100 दिनों में अवैध खनन, नशे के कारोबार, भू-माफिया, अतिक्रमण और बिचौलिया तंत्र के खिलाफ होने वाली कार्रवाई ही तय करेगी कि मंझौल में बदलाव की नई शुरुआत हुई है या यह भी महज एक और तबादले की कहानी बनकर रह जाएगी.

Also Read : औरंगाबाद में फर्जी सिम से खुद को एमएलसी बताकर अधिकारियों को धमकाने वाला गिरफ्तार

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन