बेगूसराय में गंगा जी में स्नान के दौरान डूबा 10 वर्षीय बालक, तलाश में जुटे गोताखोर
घटनास्थल पर मौजूद जनप्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network
Begusarai News : समस्तीपुर सीढ़ी घाट पर गंगा स्नान के दौरान 10 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई. ननिहाल आया बालक गहरे पानी में फिसल गया, गोताखोर शव की तलाश में जुटे हैं.
Begusarai News : साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के समस्तीपुर सरस्वती स्थान सीढ़ी घाट पर गुरुवार को गंगा नदी के बाढ़ के पानी में स्नान करने के दौरान एक 10 वर्षीय बालक डूब गया. मृतक की पहचान मुंगेर जिले के चंडिका स्थान, टीकारामपुर निवासी संतोष कुमार के पुत्र सुमित कुमार के रूप में हुई है. घटना के बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव की तलाश की जा रही है.
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बताया जाता है कि सुमित कुमार अपने नाना समस्तीपुर निवासी रामवदन पटेल के यहां आया था. गुरुवार को वह कुछ अन्य बच्चों के साथ समस्तीपुर गांव स्थित सीढ़ी घाट पहुंचा था. सभी बच्चे गंगा नदी के बाढ़ के पानी में स्नान कर रहे थे. इसी दौरान सुमित का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया.

बचाने की कोशिश के बावजूद डूब गया बालक
सुमित को डूबते देखकर घाट पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसे पानी से बाहर नहीं निकाला जा सका. घटना की जानकारी मिलते ही उसके ननिहाल में कोहराम मच गया. परिजनों ने जब घटना की सूचना सुमित के घरवालों को दी तो वहां भी चीख-पुकार मच गई.
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गोताखोरों की मदद से शव की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही सीओ संतोष कुमार, थाना पुलिस, समस्तीपुर पंचायत के मुखिया संजय यादव, सरपंच मनोज सिंह, पंसस प्रतिनिधि ललन यादव, समाजसेवी शम्मी यादव समेत सैकड़ों ग्रामीण और मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए. स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव की तलाश शुरू की गई. कई घंटे तक प्रयास के बावजूद शव बरामद नहीं हो सका, जिससे परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई.
बाढ़ के दौरान सीढ़ी घाट पर एनडीआरएफ की तैनाती की मांग
घटना के बाद मुखिया समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से बाढ़ के दौरान समस्तीपुर सीढ़ी घाट पर एनडीआरएफ की टीम तैनात करने की मांग की. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्थानीय गोताखोरों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. ऐसे में शव की तलाश में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बाढ़ के समय स्थानीय प्रशासन के साथ जिला प्रशासन को भी सक्रिय रहना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं में तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू किया जा सके.
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