बेगूसराय के अंगीभूत कॉलेजों में आज से कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, 15 सूत्री मांगों को लेकर कामकाज रहेगा ठप

Updated:
विज्ञापन
आज से शुरु होगा 15 सूत्री मांगों को लेकर महाविद्यालय कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल

बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर बेगूसराय जिले के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के कर्मचारी सोमवार, 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कॉलेजों के सभी प्रशासनिक और आधिकारिक कार्य पूरी तरह से अवरुद्ध रहेंगे.

विज्ञापन

Begusarai News: बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ (दरभंगा प्रक्षेत्र) के आह्वान पर बेगूसराय जिले के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के कर्मचारी सोमवार, 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कॉलेजों के सभी प्रशासनिक और आधिकारिक (ऑफिशियल) कार्य पूरी तरह से अवरुद्ध रहेंगे, जिससे छात्रों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

मांगों के समर्थन में प्रधानाचार्य कक्ष के समक्ष धरना देंगे कर्मी

जिला महाविद्यालय कर्मचारी संघ बेगूसराय के जिला सचिव मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि 10 जुलाई को आयोजित बृहत् परिषद् की बैठक और 14 जुलाई के प्रक्षेत्रीय मंत्री के पत्र के आलोक में यह निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान सभी कर्मचारी अपने-अपने महाविद्यालयों में उपस्थित रहकर प्रधानाचार्य के समक्ष शांतिपूर्ण धरना देंगे और अपनी 15 सूत्री मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे.

प्रोन्नति, वेतन भुगतान और सेवांत लाभ समेत 15 सूत्री मांगें शामिल

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में प्रोन्नति प्रभार प्राप्त कर्मियों के वेतन का निर्धारण और भुगतान, शेष बचे कर्मियों की पदस्थापना, चतुर्थ चरण के कर्मियों के सप्तम वेतन के अंतर राशि का भुगतान, और अदालत से न्याय प्राप्त कर्मियों को लाभ देना शामिल है. इसके अलावा स्थानांतरित कर्मियों का स्थानांतरण रद्द करने, बकाए महंगाई भत्ते (DA) का पूर्ण भुगतान, सेवानिवृत्त कर्मियों के सेवांत लाभों की अनुचित कटौती वापस करने तथा समय पर वेतन भुगतान की मांग की जा रही है.

मानसिक शोषण रोकने और प्रधान लिपिकों को प्रशाखा पदाधिकारी नामित करने की अपील

कर्मचारी संघ ने नियम व परिनियम के विपरीत फाइलों के निष्पादन से हो रहे कर्मचारियों के आर्थिक और मानसिक शोषण पर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही, 15 अप्रैल 2024 के विश्वविद्यालय पत्र के अनुसार महाविद्यालयों में प्रधान लिपिक (सामान्य/लेखा) को प्रशाखा पदाधिकारी नामित करने और समस्तीपुर महाविद्यालय में कर्मी के साथ हुई घटना में प्रधानाचार्य की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है.


विज्ञापन
Bipin Kumar Mishra

लेखक के बारे में

By Bipin Kumar Mishra

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन