विस चुनाव को लेकर इवीएम की प्रथम स्तरीय जांच शुरू

Updated at : 02 May 2025 8:51 PM (IST)
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विस चुनाव को लेकर इवीएम की प्रथम स्तरीय जांच शुरू

विस चुनाव को लेकर इवीएम की प्रथम स्तरीय जांच शुरू

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बांका को एम-थ्री मॉडल की निर्मित 3793 बैलेट यूनिट उपलब्ध करायी गयी है 2385 कंट्रोल यूनिट और 2581 वीवी पैट भी जिले को उपलब्ध कराये गये हैं बांका आगामी विधानसभा आम चुनाव के लिए इवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुक्रवार को प्रारंभ किया गया. यह प्रक्रिया आगामी 16 मई को संपन्न होगा. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी अंशुल कुमार के मार्गदर्शन में इवीएम की प्रथम स्तरीय जांच करायी जा रही है. वास्तव में एफएलसी प्रक्रिया अति महत्वपूर्ण कार्य है. बांका को इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड हैदराबाद से एम-थ्री मॉडल की निर्मित 3793 बैलेट यूनिट, 2385 कंट्रोल यूनिट और 2581 वीवी पैट प्राप्त हुए हैं. एफएलसी के माध्यम से उनके भौतिक और तकनीकी रूप से बिल्कुल दुरुस्त होने की जांच की जा रही है. कार्य में लगे इसीआईएल के अभियंताओं और कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि जांच की इस प्रक्रिया को बिलकुल सूक्ष्मता से अंजाम दें. एफएलसी जितने अच्छे से इसे किया जायेगा, चुनाव के दौरान उतनी ही कम मशीनें खराब निकलेगी. इससे भविष्य की आफ्टर और बिफोर पोल की परेशानियों से बचा जा सकेगा. मशीनों की जांच, पैकिंग, रखरखाव को हैंडल विद केयर के साथ की जा रही है. उप निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति के हॉल में प्रवेश पर रोक है. सभी अधिकारियों, कर्मियों और राजनीति दल के प्रतिनिधियों को आई कार्ड जारी किये गये हैं. हॉल में मोबाइल या किसी प्रकार का इलेक्ट्रिक गजेट ले जाना सख्त वर्जित है. राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि लॉगबुक समेत विभिन्न प्रकार के फार्मेट, पंजियों पर अपना हस्ताक्षर दर्ज करेंगे. साथ ही यदि वे चाहें तो सीयू पर लगने वाले पिंक पेपर सील पर भी अपना साइन कर सकते हैं. एफएलसी की प्रक्रिया के निगरानी के लिए तीन सतह की व्यवस्था की गयी है. हाईटेक आइपी कैमरे से वेब टेलीकास्ट किया जा रहा है. जिसे कंट्रोल रूम में पदस्थापित दंडाधिकारी, जिलाधिकारी समेत राज्य व भारत निर्वाचन आयोग माॅनिटर कर रहे हैं. वहीं दूसरे सतह पर वेयरहाउस का अपना सीसीटीवी कैमरा चप्पे-चप्पे की रिकार्डिंग कर रहा है. इसके साथ ही वीडियोग्राफी के माध्यम से भी सभी कार्रवाइयों को रिकार्ड किया जा रहा है. एफएलसी की पूरी प्रक्रिया को एफएलसी पर्यवेक्षक सह अपर समाहर्ता विभागीय जांच मनोज कुमार द्वारा बताया गया कि यह मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच है. जिसे इसीआईएल के अभियंता पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कर रहे हैं. इसके लिए पहले सभी मशीनों की प्री एफएलसी जांच की जा रही है. तब विवि पैट में डमी सिम्बाॅल की लोडिंग करने के बाद प्रत्येक बीयू, सीयू और विविपैट को कनेक्ट कर प्रत्येक 16 बटन पर छह-छह वोट डाले जा रहे हैं. अंत में डाले गये कुल वोटों के रिजल्ट से विविपैट के पर्ची की गिनती कर मिलान कर टेस्ट में पारित और रद्द मशीनों को आयोग के विशेष ऐप ईएमएस-2.0 पर स्कैन के माध्यम से अपलोड किया जा रहा है. इस दौरान सीयू पर लगने वाले पिंक पेपर सील का भी विशेष नंबर अपलोड किया जा रहा है. सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रतिदिन आकर एफएलसी का अवलोकन कर संपूर्ण प्रक्रिया से संतुष्ट हो सकते हैं. ग्रामीण विकास मंत्री ने श्रमिकों से किया संवाद बांका. मजदुर दिवस पर गुरुवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के द्वारा जिले में मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 24-25 में 100 दिन रोजगार पाये. मंत्री ने पटना से बौंसी प्रखंड के सापडहर पंचायत के राशिद अंसारी से दूरभाष से बात किया. उन्होंने काम मिलने, खाता में पैसे मिलने के संबंध, मनरेगा से मिले कार्य से संतुष्टि एवं किसी तरह के कोई परेशानी के बारे में संवाद किया. मजदूर से संवाद कर वे पूरी तरह संतुष्ट हुये. मजदूर द्वारा बांका जिला प्रशासन का धन्यवाद किया.

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SHUBHASH BAIDYA

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