बच्चों के खेल-खेल में नदी किनारे निकला करोड़ों का 'खजाना'! बांका में बुद्ध की इस मूर्ति को देख पुलिस के भी उड़े होश, जानें क्या है रहस्य
फोटो- बरामद प्रतीमा | Prabhat Khabar Network
बिहार के बांका जिले में खेल-खेल में बच्चों को नदी किनारे करोड़ों की अष्टधातु की बुद्ध प्रतिमा मिली है. इस अद्भुत खोज ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है. 12 साल पहले इसी नदी से मिली प्रतिमा का रहस्य भी फिर गरमा गया है.
Banka News: क्या कोई सोच सकता है कि नदी किनारे खेल रहे मासूम बच्चों के हाथ अचानक सदियों पुराना करोड़ों का खजाना लग जाएगा? बिहार के बांका जिले से एक ऐसी ही हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. यहाँ खेल-खेल में बच्चों द्वारा चलाई गई कुदाल जैसे ही ज़मीन के अंदर एक रहस्यमयी चीज़ से टकराई, वैसे ही वहां मौजूद लोगों की आँखें फटी की फटी रह गईं. इस अनोखी खोज की चर्चा अब पूरे राज्य में आग की तरह फैल रही है.

खेल-खेल में हुआ यह बड़ा चमत्कार
यह पूरी घटना बांका जिले के शंभुगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पौकरी गांव की है. यहाँ गुरुवार की देर शाम बदुआ नदी के किनारे बच्चू दास के बच्चों समेत गांव के कुछ बच्चे आपस में खेल रहे थे और इसी दौरान वे मिट्टी में कुदाल चला रहे थे. तभी अचानक उनकी कुदाल ज़मीन के नीचे किसी बेहद कठोर वस्तु से टकराई. जब बच्चों ने उत्सुकतावश वहाँ से मिट्टी हटाई, तो अंदर चमकती हुई बुद्ध की एक अद्भुत धातु की प्रतिमा दिखाई दी. हालांकि, खुदाई के दौरान जोर से कुदाल लगने की वजह से यह ऐतिहासिक प्रतिमा तीन टुकड़ों में खंडित हो गई.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत की चर्चा
नदी किनारे कीमती मूर्ति मिलने की खबर जैसे ही गांव में फैली, देखते ही देखते वहाँ सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. प्रत्यदर्शियों के अनुसार इस बुद्ध प्रतिमा का वजन लगभग चार किलोग्राम और लंबाई करीब एक फीट है. गांव के लोगों के बीच यह चर्चा तेजी से फैल गई है कि यह मूर्ति बेशकीमती अष्टधातु की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये से भी अधिक हो सकती है. हालांकि, यह प्रतिमा वास्तव में अष्टधातु की है या नहीं और इसकी असली कीमत कितनी है, इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है.
पुलिस की एंट्री और 12 साल पुराना रहस्य हुआ ताजा
Banka News: ग्रामीणों की सूचना पर शंभुगंज थाना प्रभारी राज कुमार प्रसाद पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने खंडित प्रतिमा को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर थाने पहुँचाया. इस घटना के बाद अंचल अधिकारी जुगनू रानी ने भी थाने पहुंचकर प्रतिमा का बारीकी से निरीक्षण किया और बताया कि इसे जांच के लिए पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि साल 2014 में भी इसी गांव की बदुआ नदी से करीब 7 किलो 900 ग्राम की अष्टधातु की राधा प्रतिमा मिली थी, जिस पर मुंगेर के दो अलग-अलग पक्षों ने दावा ठोक दिया था. विवाद के कारण वह पुरानी प्रतिमा आज भी थाने के मालखाने में बंद पड़ी है. इस नई बुद्ध प्रतिमा के मिलने के बाद 12 साल पुराना वह रहस्यमयी विवाद एक बार फिर लोगों की जुबान पर जिंदा हो गया है.
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लेखक के बारे में
By ठाकुर विनोद कुमार
ठाकुर विनोद कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. शंभूगंज (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं.
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