बांका में उमस के बीच मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट': दोपहर बाद झमाझम बारिश के आसार, किसानों के लिए जरूरी सलाह जारी

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बांका जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. उमस भरी गर्मी के बीच मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे दोपहर बाद झमाझम बारिश की उम्मीद है. किसानों के लिए फसल प्रबंधन की महत्वपूर्ण सलाह भी दी गई है.

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बांका जिले में मानसून की दस्तक ने लोगों को राहत की उम्मीद तो दी है, लेकिन उमस भरी तीखी गर्मी से वे अभी भी जूझ रहे हैं. बांका जिले में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं. कई दिनों से उमस भरी तीखी गर्मी झेल रहे जिलेवासियों के लिए यह अच्छी खबर है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत भरी चेतावनी जारी करते हुए ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया है. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को दिन चढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज बदलेगा और दोपहर बाद आसमान में घने काले बादल डेरा डालेंगे.

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जिले के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. हालांकि, हवा में अत्यधिक नमी के कारण बारिश से पहले और बाद में उमस बनी रहेगी.

तीखी गर्मी पर लगाम, पर उमस से राहत मुश्किल: 33 डिग्री तापमान और पुरवा हवा का संगम

जिले में अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई है. बुधवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े फेरबदल के आसार नहीं हैं.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वायुमंडल में करीब 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पुरवा हवाएं चलेंगी. सुबह के वक्त सापेक्ष आर्द्रता (नमी) 80 से 85 फ़ीसदी दर्ज की गई, जबकि दोपहर और रात के समय इसके बढ़कर 86 से 89 फ़ीसदी तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे पसीने छुड़ाने वाली उमस बनी रहेगी.

फोटो - मौसम की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
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आसमानी बिजली का खतरा बढ़ा: जिला आपदा प्रबंधन के सुझाव, सुरक्षित रहने के उपाय

गरज-चमक और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.

प्रशासन ने सक्रिय रहने के लिए सुझाव दिए हैं कि आंधी-बारिश और मेघगर्जन के समय लोग किसी भी सूरत में खुले मैदानों, जलभराव वाले क्षेत्रों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें. किसानों और राहगीरों से अपील की गई है कि मौसम खराब होते ही तुरंत पक्के मकानों या सुरक्षित शेड के नीचे चले जाएं.

10 सितंबर तक बारिश के संकेत, कृषि वैज्ञानिकों ने दी फसल प्रबंधन की सलाह

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (सबौर) के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और मौसम विज्ञान केंद्र के संयुक्त बुलेटिन के अनुसार 10 सितंबर तक बांका सहित दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. तापमान 33 से 34 डिग्री के इर्द-गिर्द बना रहेगा.

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मौजूदा मौसमी परिस्थितियों के मद्देनजर खेतों की नियमित निगरानी की सलाह दी है:

  • धान की फसल: कम वर्षा वाले इलाकों में खरपतवार की तेजी से वृद्धि हो सकती है, इसलिए समय पर निराई-गुड़ाई सुनिश्चित करें.
  • खरीफ मक्का: मक्के की फसल में 'तना छेदने वाले कीड़े' (स्टेम बोरर) के प्रकोप की लगातार जांच करें. लक्षण दिखते ही अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करें.
  • सब्जी की खेती: सितंबर सत्र की मौसमी हरी सब्जियों के उत्पादन के लिए खेतों की गहरी जुताई कर खेत की तैयारी पूरी रखें तथा आवश्यकतानुसार पौधों की गैप-फिलिंग और छंटाई करते रहें.

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