अरवल सिविल सर्जन पर हमले के विरोध में बौसी रेफरल अस्पताल के डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों ने बांधा काला बिल्ला

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फोटो कैप्शन :विरोध कर प्रदर्शन करते डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी | Prabhat Khabar Network

विरोध कर प्रदर्शन करते डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी. | Prabhat Khabar Network

Doctors Protest : अरवल जिले में सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में बौसी रेफरल अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया है. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

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Doctors Protest : अरवल जिले के सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर प्रसाद के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को बौसी रेफरल अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के राज्यव्यापी आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान चिकित्सकों ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.

काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध

भासा के आह्वान पर बौसी रेफरल अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने नियमित कार्यों का निर्वहन करते हुए काला बिल्ला लगाया और अरवल की घटना के प्रति विरोध जताया. प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहीं, लेकिन चिकित्सकों ने घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया.

'स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण'

अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि अरवल में सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. उन्होंने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं. ऐसे में उनके साथ हिंसा की घटनाएं न केवल चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र का मनोबल भी कमजोर करती हैं.

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि भासा के निर्देशानुसार सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई है. उन्होंने सरकार और प्रशासन से घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा राज्यभर के अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.

सुरक्षित कार्य वातावरण की उठी मांग

विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि अस्पतालों में सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उनका कहना था कि यदि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तो इसका सीधा असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा.

इस अवसर पर डॉ. मुकेश चंद्र मुकुल, स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहे. सभी ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाने की मांग की.


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संजीव कुमार

लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार पाठक प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बौंसी (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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