37 डिग्री पहुंचा पारा परेशानी. बीमार होने का खतरा बढ़ा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :31 Mar 2017 5:44 AM (IST)
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गरमी से निजात पाने के लिए लोग बिजली के उपकरणों की खरीदारी कर रहे हैं. पछुआ हवा के साथ चिलचिलाती धूप लोगों को परेशान कर रहे हैं. बांका : मौसम के बदले मिजाज ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है. न्यूनतम तामपान 19-20 डिग्री सेल्सियस एवं अधिकतम तापमान 36-37 डिग्री सेल्सियस हो गया है. […]
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गरमी से निजात पाने के लिए लोग बिजली के उपकरणों की खरीदारी कर रहे हैं. पछुआ हवा के साथ चिलचिलाती धूप लोगों को परेशान कर रहे हैं.
बांका : मौसम के बदले मिजाज ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है. न्यूनतम तामपान 19-20 डिग्री सेल्सियस एवं अधिकतम तापमान 36-37 डिग्री सेल्सियस हो गया है. गरमी तेजी से बढ़ी जा रही है. धूल भरी आंधी की भी शुरूआत हो चुकी है. ऐसे में तेज धूप व धूल आदि से बीमार होने का खतरा भी बढ़ गया है. गरमी से निजात पाने के लिए लोग गरमी से राहत दिलाने वाले पेय पदार्थ एवं बिजली के उपकरणों की खरीदारी में तेजी आ गयी है. इसको लेकर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के इलेक्ट्रिक दुकानों पर अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है. बिजली के पंखे, कूलर, एसी, फ्रिज आदि की बिक्री बढ़ गई है.
वहीं पछुआ हवा के साथ चिलचिलाति धूप से लोग परेशान होने लगे है. सुबह होते ही कड़ी धूप और धूल भरी पछुआ हवा से लोगों को यात्रा करने में परेशानी होने लगी है. लोगों का कहना है कि मार्च में पहले कभी इस तरह की गरमी महसूस नही होती थी. लेकिन बदलते मौसम में परिवर्तन होने से गरमी के साथ-साथ पेयजल संकट भी गहराने लगा है.
शहर से लेकर कई ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिगत जलस्तर गिरने के कारण कुंआ और चापाकल सूखने के कगार पर पहुंचने लगे है. वही दो दिनों से चल रही तेज धूप के कारण किसानों के फसल भी सूखने लगे है. बढ़ते गरमी से किसानों की गेहूं व लत वाली सब्जी की फसल को भी नुकसान हो रहा है. एक तरफ फसल का सूखना और दूसरी ओर जलस्तर नीचे चले जाने के कारण ट्यूबवेल और बोरिंग का जवाब दे देना किसानों के लिए मुसीबत बनी हुई है.
सड़क व बाजार हो जाता है सूना
गरमी के शुरूआत होने के साथ ही काम काज भी प्रभावित होने लगा है. लोग अभी से ही धूप से बचने के लिए विभिन्न तरह के हथकंडे अपना रहे है. तेज धूप के कारण दोपहर होते ही सड़कें पूरी तरह सूनी होने लगी है. खास कर इसका असर स्कूली बच्चों पर अधिक पड़ रहा है.
मरीजों की बढ़ रही संख्या
मौसम के बदलते मिजाज से लोग सर्दी, जुकाम, सिरदर्द, बदन दर्द, सांस व पेट संबंधी बीमारी आदि के चपेट में आ रहे हैं. यह समस्या पिछले कई दिनों से बढ़ती ही जा रही है. इसको लेकर सरकारी व नीजी चिकित्सक के पास मरीजों की संख्या में वृद्धि होने लगी है. इस मौसम में अधिकांस लोगों को चक्कर आना, अत्यधिक प्यास लगना, कमजोरी, सिर दर्द और बेचैनी आदि के लक्षण आम हो गये है. इनके बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरते की आवश्यकता है.
अधिक मात्रा में करें पानी का सेवन
गरमी के मौसम में लोगों को छाता का उपयोग करना चाहिए, अधिक मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए, वासी भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए, कटे आदि फलों का सेवन नहीं करना चाहिए, धूप में निकलने के पहले लोगों को तौलिया व छाता का प्रयोग करना चाहिए, धूप से आने के बाद ठंडा पानी का सेवन नहीं करना चाहिए. क्योंकि इस मौसम में ज्यादातर डायरिया, चक्कर आना, बुखार व पेट से मरीजों की संख्या बढ़ जाती है.
डॉ अशोक कुमार सिंह, सदर अस्पताल बांका
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