आज मां दुर्गा की होगी प्राण प्रतष्ठिा, खुलेंगे पट

Published at :18 Oct 2015 9:26 PM (IST)
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आज मां दुर्गा की होगी प्राण प्रतष्ठिा, खुलेंगे पट

आज मां दुर्गा की होगी प्राण प्रतिष्ठा, खुलेंगे पट – फोटो 18 विजयनगर मंदिर की तसवीर -फोटो 19 संध्या आरती में शामिल महिलाएं – फोटो 20 पुरानी ठाकुरबाड़ी स्थित दुर्गा मंदिर – फोटो 21 ठाकुरबाड़ी स्थित मंदिर में संध्या आरती करती महिलाएं – फोटो 22 बल्ब से सजा मंदिर व आस-पास – फोटो 23 करहरिया […]

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आज मां दुर्गा की होगी प्राण प्रतिष्ठा, खुलेंगे पट – फोटो 18 विजयनगर मंदिर की तसवीर -फोटो 19 संध्या आरती में शामिल महिलाएं – फोटो 20 पुरानी ठाकुरबाड़ी स्थित दुर्गा मंदिर – फोटो 21 ठाकुरबाड़ी स्थित मंदिर में संध्या आरती करती महिलाएं – फोटो 22 बल्ब से सजा मंदिर व आस-पास – फोटो 23 करहरिया का दुर्गा मंदिर की तसवीर – फोटो 24 पंडित मनमोहन ठाकुर – फोटो 25 ठाकुरबाड़ी स्थित पंडाल में स्थापित प्रतिमा – फोटो 27 संध्या आरती के बाद देवी गीत गाती महिला प्रतिनिधि, बांका शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा की तैयारी काफी उत्साह के साथ की जा रही है. इसको लेकर मंदिरों व पूजा पंडालों को भव्य रूप दिया गया है. साथ ही रंग बिरंगे चाइनीज बल्बों से मंदिर सहित आस-पास के जगहों को सजाया गया है जो आकर्षण का केंद्र बना है. नवरात्र के सातवें दिन सोमवार को मां दुर्गा की प्राण-प्रतिष्ठा मंदिरों व पूजा पंडालों में की जायेगी. साथ ही भक्तजनों के दर्शन के लिए पट खोल दिये जायेंगे. वहीं शहर स्थित विजयनगर, जगतपुर, पुरानी ठाकुरबाड़ी व करहरिया दुर्गा मंदिरों में स्थानीय महिलाओं द्वारा संध्या आरती की गयी. इसे लेकर काफी संख्या में महिला श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में पहुंची थी. आरती के दौरान महिला ने देवी मां की गीत की प्रस्तुति की. मालूम हो कि विजयनगर व पुरानी ठाकुरबाड़ी में वैष्णवी दुर्गा की आराधना की जाती है, वहीं जगतपुर व करहरिया में बंगला पद्धति से मां की पूजा अर्चना की जाती है. इन दोनों जगहों पर बली भी दी जाती है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न मंदिर परिसर में भव्य मेले का भी आयोजन किया गया, जहां बच्चे के मनोरंजन के साथ-साथ खान पान की दुकाने लगायी गयी है. कहते हैं पंडित इस संबंध में पंडित मनमोहन ठाकुर ने बताया कि मिथला, विश्व विद्यालय,गंगा पुलकित व महावीर पंचाग बनारस के अनुसार महाअष्टमी का व्रत बुधवार को रखना है एवं उसी दिन महानवमी का हवन पूजन करना है. गुरुवार को प्रात: कन्या भोजन आदि करा कर व्रत को संपन्न किया जायेगा. मिथिला पंचाग के अनुसार पूजन की समय-सारणी महा अष्टमी डाला चढ़ाने का समय – बुधवार को प्रात: 8 : 52 बजे तक – गुरुवार को नवमी प्रात: 7: 22 बजे तक एवं विजया दशमी पूरा दिन – यह निर्णय, धर्म सिंधु के अनुसार उदयव्यापिनी अष्टमी को ग्रहण करना चाहिए. – देवी पुराण के अनुसार मां को अलग-अलग तिथि को अलग-अलग फल सामग्री चढ़ाना चाहिए. – क्या चढ़ाने से क्या मिलता है फल – षष्ठी पूजा के दिन मां को मधु चढ़ाने से रूप व सौंदर्य की प्राप्ति होती है. – सप्तमी के दिन मां को गुड़ चढ़ाने से शोक से मुक्ति मिलती है. -अष्टमी के दिन मां को नारियल चढ़ाने से संताप का नाश होता है. – नवमी को धान का लावा चढ़ाने से सर्व सुख: की प्राप्ति होती है. – विजया दशमी को काला तिल चढ़ाने से भय का नाश होता है.

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