मृतक के परिजनों पर टूटा गमों का पहाड़, रो-रोकर बुरा हाल

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बौंसी : सड़क हादसे में सोमवार को हुई मौत के बाद मृतक के परिजनों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है. चाकय गांव निवासी पेरू यादव अपने जवान पुत्र के शव को देखकर अचेत हो रहे थे. घटनास्थल पर अपने जवान पुत्र का शव देख कर पिता की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं […]

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बौंसी : सड़क हादसे में सोमवार को हुई मौत के बाद मृतक के परिजनों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है. चाकय गांव निवासी पेरू यादव अपने जवान पुत्र के शव को देखकर अचेत हो रहे थे. घटनास्थल पर अपने जवान पुत्र का शव देख कर पिता की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे.

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अन्य परिजन के साथ ग्रामीणों की भारी भीड़ भी गमगीन थी. हर कोई उस मनहूस घड़ी को कोस रहा था. ग्रामीणों ने बताया कि तीन पुत्रों में मृतक सबसे छोटा था, जिसकी अभी शादी भी नहीं हुई थी. बड़ा पुत्र खैरू यादव की शादी हो चुकी है और वह दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है. जबकि मंझला पुत्र लालू यादव शारीरिक रूप से दिव्यांग है.
ग्रामीण सूत्रों की मानें तो जिस ट्रैक्टर से दुर्घटना हुई है, उसे पहले कोई और चालक चलाता था. पिछले 2 दिनों से मृतक इस वाहन को चला रहा था और सोमवार को हुई दर्दनाक घटना में उसकी मौत हो गयी. घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की मां अनिता देवी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
वहीं, दूसरी ओर ऑटो दुर्घटना में इटहरी गांव निवासी शारदा देवी की मौत के बाद उसका दाह संस्कार कैसे होगा यह एक बड़ा सवाल लोगों को सता रहा है. रानी गांव निवासी महिला के रिश्तेदार विनोद सिंह की माने तो मृतका उसकी बुआ थी और उसके घर में कोई नहीं है.
पति की मौत पहले ही हो चुकी हैं, अकेली महिला किसी तरह से अपना जीवन यापन कर रही थी. दुर्घटना के बाद विनोद सिंह की स्थिति ऐसी थी वो कि जख्मियों का इलाज करवाएं या फिर अपनी मृत बुआ का अंतिम संस्कार करें. हालांकि, रेफरल प्रभारी के निर्देश पर एंबुलेंस के जरिए मृतका का शव उसके गांव पहुंचा दिया गया है.
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