औरंगाबाद: बिना अनुमति निकले जुलूस में उपद्रव, 12 नामजद समेत 1000 अज्ञात पर एफआईआर

थाना में दर्ज एफआईआर की कॉपी पथराव के बाद रमेश चौक का नजारा | Prabhat Khabar Network
औरंगाबाद शहर में 25 जुलाई को बिना प्रशासनिक अनुमति के निकाले गए जुलूस के दौरान हुए उपद्रव और पथराव के मामले में नगर थाना में FIR दर्ज की गई है. इस मामले में 12 नामजद और करीब 1000 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया है. पुलिस ने घटना के संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है.
Aurangabad News : औरंगाबाद शहर में 25 जुलाई को बिना प्रशासनिक अनुमति निकाले गए जुलूस के दौरान हुए उपद्रव, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी कुमार ललन सिंह के आवेदन पर दर्ज कांड में 12 नामजद आरोपितों के साथ करीब 1000 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया है. पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है.
बैरिकेडिंग तोड़ पुलिस पर किया पथराव
प्राथमिकी के अनुसार, प्रशासन ने 25 जुलाई को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी थी. इसके बावजूद दोपहर करीब 12:30 बजे शहर के विभिन्न मार्गों से जुलूस निकालकर रमेश चौक पर भीड़ एकत्रित हो गई. पुलिस ने ध्वनि विस्तारक यंत्र से बार-बार बिना अनुमति जुलूस नहीं निकालने की अपील की, लेकिन भीड़ ने निर्देशों की अनदेखी करते हुए बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया.
सरकारी वाहन को भी पहुंचाया नुकसान
उपद्रव के दौरान मुफस्सिल थाना की पुलिस गाड़ी पर भी पथराव किया गया, जिससे वाहन का पिछला शीशा क्षतिग्रस्त हो गया. स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर हालात पर काबू पाया गया.
तीन गिरफ्तार, अन्य की पहचान जारी
पुलिस ने मौके से मो. बावला, कुंदन कुमार और नागेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया. वहीं वीडियो और फोटो के विश्लेषण के आधार पर विनय कुमार यादव, मृत्युंजय यादव, विकास राय, रवि कुमार, प्रेम पासवान, नितीश कुमार, गौतम कुमार और सतीश कुमार उर्फ गोरखा सहित अन्य की पहचान की गई है. शेष आरोपितों की पहचान की प्रक्रिया जारी है.
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
नगर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपितों की भी गिरफ्तारी की जाएगी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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