एनएसएस शिविर के छठे दिन नशामुक्ति और स्वास्थ्य पर रंगोली, चित्रकारी व रील मेकिंग प्रतियोगिता
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागी
Aurangabad News : दाउदनगर महाविद्यालय के एनएसएस शिविर में युवाओं ने रंगोली, चित्रकारी और नुक्कड़ नाटक के जरिए नशामुक्ति और शिक्षा का संदेश दिया. जानिए शिविर की खास बातें.
Aurangabad News : दाउदनगर महाविद्यालय में प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. एम. एस. इस्लाम के दिशानिर्देशन में चल रहे एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन नशामुक्त भारत, साक्षरता एवं स्वास्थ्य विषय पर रंगोली, चित्रकारी एवं रील मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई. स्वयंसेवकों ने रचनात्मक माध्यमों के जरिए सामाजिक समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया.
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छह दिनों तक नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैली से दिया संदेश
शिविर के दौरान लगातार छह दिनों तक विभिन्न ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए. स्वयंसेवकों ने संबंधित नारों की तख्तियां लेकर जागरूकता रैली भी निकाली. इस दौरान ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उन्हें नशामुक्ति, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया.
प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को बांटी गई लेखन सामग्री
स्वयंसेवकों ने प्राथमिक विद्यालय, सिपहा के बच्चों के बीच कॉपी, कलम, पेंसिल और रबर सहित अन्य लेखन सामग्री का वितरण किया. कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. देव प्रकाश ने सेवा कार्य में सहयोग करने वाले शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं ग्रामीणों के प्रति महाविद्यालय की एनएसएस इकाई की ओर से आभार व्यक्त किया.
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कला व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में 'युवाओं में कला का विकास' विषय पर बौद्धिक परिचर्चा आयोजित की गई. मुख्य वक्ता महाविद्यालय के हिंदी के सहायक प्राध्यापक मंजू कुमार सोरेन ने स्वयंसेवकों से संवाद करते हुए कहा कि युवाओं को कागज, कलम, कूची, कैमरा और किताब हमेशा अपने साथ रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब युवा कागज पर सपने, कलम से विचार, कूची से रंग और कैमरे से जीवन की सच्चाइयों को उकेरते हैं, तभी कला का वास्तविक विकास होता है. कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति है.
शिविर की गतिविधियों की समीक्षा, समापन रविवार को
परिचर्चा के बाद शिविर की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा अगले दिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हुई. कार्यक्रम का संचालन दर्शनशास्त्र की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रोजी कांत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मनोविज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ. श्रीनिवास सिंह ने किया. मौके पर मनोविज्ञान की सहायक प्राध्यापिका डॉ. शहला बानो, दर्शनशास्त्र के सहायक प्राध्यापक वरुण कुमार चौबे, महाविद्यालय कर्मी सिकंदर, मगध विश्वविद्यालय के पूर्व स्वयंसेवक मुकेश कुमार सहित सिपहा गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. बताया गया कि एनएसएस विशेष शिविर का समापन रविवार को महाविद्यालय परिसर में किया जाएगा.
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