औरंगाबाद: मदनपुर में बीईओ के खिलाफ शिक्षकों का मोर्चा, रिश्वतखोरी और दुर्व्यवहार के लगाए गंभीर आरोप

Author Vinay singh|Edited by Vivek Ranjan
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बीआरसी के पास बैठक के बाद प्रदर्शन करते शिक्षक | Prabhat Khabar Network

बीआरसी के पास बैठक के बाद प्रदर्शन करते शिक्षक | Prabhat Khabar Network

औरंगाबाद के मदनपुर में शिक्षकों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शिक्षकों ने कार्यों की अनदेखी, बिचौलियों से रिश्वत मांगने और महिला शिक्षकों के साथ अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया है. कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है.

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औरंगाबाद: जिले के मदनपुर प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) कार्यालय परिसर में मंगलवार की शाम बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ (मूल) के बैनर तले प्रखंड के शिक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह और प्रखंड सचिव बलवंत कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की. बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए.

शिक्षकों ने कार्यों की अनदेखी और बिचौलियों से रिश्वत मांगने का लगाया आरोप

बैठक में शिक्षकों ने आरोप लगाया कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा शिक्षा संबंधी कार्यों की अनदेखी की जा रही है. उनका कहना था कि कार्यालय में शिक्षकों के कार्यों की बजाय श्रम विभाग से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है. जब शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालय पहुंचते हैं तो उनकी बात नहीं सुनी जाती और उन्हें वापस लौटा दिया जाता है.

शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि सेवा पुस्तिका पर हस्ताक्षर, मातृत्व अवकाश की स्वीकृति समेत अन्य विभागीय कार्यों के लिए कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से मोटी रकम की मांग की जाती है. शिक्षकों ने कहा कि ऐसे बिचौलियों के नाम भी जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे.

महिला शिक्षिकाओं ने लगाया अपमानजनक व्यवहार का आरोप

बैठक में महिला शिक्षिकाओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और शिक्षा विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है.

कार्रवाई नहीं हुई तो तालाबंदी और अनशन की चेतावनी

शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को शीघ्र नहीं हटाया गया तो शिक्षक आंदोलन करने को मजबूर होंगे. आंदोलन के तहत बीआरसी कार्यालय में तालाबंदी, पुतला दहन और अनशन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

बैठक में कामेश्वर कुमार, जय किशोर यादव, उदय नारायण सिंह, निशांत कुमार सिंह, सुबोध कुमार सिंह, दिग्विजय कुमार सिंह, चंद्रशेखर आजाद, अरुण प्रजापत, मुसाफिर दास, इंदु कुमारी, रेखा कुमारी, मंजु कुमारी, उषा कुमारी, रिता कुमारी, नीलम कुमारी, अनु कुमारी, शोभा कुमारी, राजीव वर्मा, रंजन कुमार, धर्मेंद्र कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे. सभी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

बीईओ ने आरोपों को बताया निराधार

प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि कार्यालय दिवस पर शिक्षकों के कार्यों का त्वरित निष्पादन किया जाता है. कुछ लोग राजनीति से प्रेरित होकर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों का कोई कार्य लंबित है, वे कार्यालय दिवस पर आएं, उनका कार्य नियमानुसार किया जाएगा.

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