औरंगाबाद में एनएच-19 पर ट्रक की चपेट में आने से मजदूर घायल, आक्रोशित ग्रामीणों ने पांच घंटे से किया सड़क जाम

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ग्रामीणों से बात करते बीडीओ नीरज कुमार

Aurangabad News : जनकोप में सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों ने NH-19 पर 5 घंटे चक्का जाम किया. ग्रामीण फुट ओवरब्रिज और अंडरपास निर्माण की मांग पर अड़े हुए हैं.

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Aurangabad News : औरंगाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर जनकोप गांव के समीप शनिवार दोपहर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. सड़क पार करने के दौरान तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से 55 वर्षीय मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल की पहचान जनकोप गांव निवासी अंबिका राम के रूप में हुई है. घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल, औरंगाबाद पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर कर दिया.

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हादसे के बाद एनएच-19 पर उतरे सैकड़ों ग्रामीण

हादसे की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उग्र हो गए और एनएच-19 पर उतरकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया. दोपहर करीब एक बजे शुरू हुआ सड़क जाम पांच घंटे बाद भी जारी था. जाम के कारण हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं. इससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

फुट ओवरब्रिज और अंडरपास की मांग को लेकर वर्षों से आक्रोश

ग्रामीणों का आरोप है कि वे वर्ष 2022 से लगातार जनकोप के समीप फुट ओवरब्रिज अथवा अंडरपास निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन और निर्माण कंपनी की अनदेखी के चलते आए दिन लोग सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, अब तक इस खतरनाक ब्लैक स्पॉट पर 24 से अधिक किसानों और मजदूरों की सड़क हादसों में जान जा चुकी है. कुछ दिन पूर्व भी ग्रामीणों ने सड़क चौड़ीकरण कार्य में जुटी कंपनी का काम रुकवाकर ओवरब्रिज निर्माण की मांग उठाई थी, लेकिन उनकी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

रोड जाम करते ग्रामीणों की तस्वीर
रोड जाम करते ग्रामीणों की तस्वीर

हजारों लोगों को रोज जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है हाईवे

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि जनकोप पंचायत का मुख्यालय भी है. यहां स्थित ऐतिहासिक और पौराणिक भगवान सूर्य मंदिर में दोनों छठ पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसके अलावा गांव में स्थित विद्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राओं को जान जोखिम में डालकर हाईवे पार करना पड़ता है.

ग्रामीणों ने बताया कि गांव की अधिकांश कृषि योग्य भूमि सड़क के दूसरी तरफ स्थित है. इसके कारण रोज दर्जनों किसान और खेतिहर मजदूर हाईवे पार कर खेतों तक पहुंचते हैं. ऐसे में यहां फुट ओवरब्रिज या अंडरपास नहीं होने से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.

डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक जिला पदाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर ओवरब्रिज या अंडरपास निर्माण की लिखित अथवा ठोस घोषणा नहीं करते, तब तक एनएच-19 पर जाम जारी रहेगा. ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग करते रहे.

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अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

इधर, सड़क जाम की सूचना मिलते ही बारुण बीडीओ नीरज कुमार और बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. प्रशासनिक अधिकारियों ने उग्र भीड़ को शांत कराने और यातायात बहाल कराने के लिए लगातार मान-मनौव्वल की. हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग रहे. खबर लिखे जाने तक एनएच-19 पर जाम लगा हुआ था और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने तथा यातायात बहाल कराने के प्रयास में जुटे थे.

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