औरंगाबाद: पत्र जारी होने के बाद भी अवैध तरीके से जारी है स्कूल का संचालन, कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित
ऑक्सफोर्ड स्कूल सिमरा
शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल बंद करने का आदेश जारी होने के 25 दिन बाद भी सिमरा बाजार स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल का संचालन अवैध रूप से जारी है. ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर फिर आवेदन सौंपा है. शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.
Aurangabad Illegal School Operation: कुटुंबा प्रखंड के सिमरा बाजार स्थित मानसरा में संचालित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के संचालन को लेकर शिक्षा विभाग की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में है. विभागीय जांच में विद्यालय के पास निर्धारित प्रस्वीकृति नहीं होने तथा ई-संबंधन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन नहीं किए जाने की बात सामने आने के बाद प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने विद्यालय बंद करने का निर्देश जारी किया था. साथ ही विद्यालय में नामांकित बच्चों का आसपास के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नामांकन कराने का निर्देश कुटुंबा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया था. इसके बावजूद विद्यालय का संचालन जारी रहने की बात सामने आयी है.
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ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारी कार्रवाई के नाम पर केवल पत्र जारी कर रहे हैं, लेकिन उसका अनुपालन नहीं कराया जा रहा है. विभागीय आदेश के करीब 25 दिन बाद भी विद्यालय के संचालित होने को लेकर ग्रामीणों ने फिर कार्रवाई की मांग की है.
स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर जारी हुआ बंद करने का निर्देश
ग्रामीणों की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मई माह में विद्यालय प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा था. डीपीओ द्वारा निर्गत पत्र के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन की ओर से स्पष्टीकरण संबंधी प्रतिवेदन दिया गया, लेकिन उसे संतोषजनक नहीं पाया गया. इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने एक अगस्त को पत्र जारी कर विद्यालय का संचालन बंद कराने तथा वहां नामांकित बच्चों का नजदीकी विद्यालयों में नामांकन कराने का निर्देश दिया.
पत्र में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का अनुपालन नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि बंद करने का आदेश जारी होने के बावजूद विद्यालय का संचालन बंद नहीं कराया गया है. उनका कहना है कि शिकायत के कई माह बाद भी कार्रवाई केवल पत्राचार तक सीमित है.
ग्रामीणों ने फिर सौंपा आवेदन
विभागीय आदेश के बावजूद विद्यालय का संचालन जारी रहने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को पुन: जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के कार्यालय में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की. आवेदन पर निवास प्रसाद, विनय कुमार मेहता, अजय कुमार सिंह, कृष्ण प्रसाद, अनूप कुमार सिंह, कृष्ण प्रसाद सिंह, विनोद कुमार, संजय कुमार पांडेय, जुगेश मेहता, संतोष कुमार, प्रमोद कुमार पांडेय, गोपाल राम, रामजन्म पांडेय, संतोष सिंह, विलास सिंह, कृष्णा राम, रामप्रवेश राम, वृजा बैठा समेत अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय का संचालन अवैध तरीके से किया जा रहा है और इससे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. आवेदन में अभिभावकों से मनमाने तरीके से शुल्क वसूले जाने समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए विभागीय आदेश का तत्काल अनुपालन कराने की मांग की गयी है.
प्रतिदिन 10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
शिक्षा विभाग के पत्र में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के उल्लंघन और बिना मान्यता विद्यालय संचालित किए जाने की स्थिति में प्रतिदिन 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाए जाने के प्रावधान का भी उल्लेख किया गया है. इसके बावजूद अब तक विद्यालय प्रबंधन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में असंतोष है.
क्या कहते हैं बीईओ
इस संबंध में बीईओ रणविजय कुमार ने बताया कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से प्राप्त पत्र के आलोक में विद्यालय संचालक को आवश्यक निर्देश दिया गया है. इसके बाद भी यदि विद्यालय का संचालन जारी है तो स्थल निरीक्षण कर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि विद्यालय में नामांकित बच्चों का किस विद्यालय में नामांकन कराया जाए, इस संबंध में विभाग से मार्गदर्शन मांगा जाएगा.
क्या कहा डायरेक्टर ने?
विद्यालय के डायरेक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि एक अभिभावक से स्कूल फीस मांगने पर उनके द्वारा बेवजह परेशान करने के उद्देश्य से गलत आरोप लगाया जा रहा है. विद्यालय के निबंधन के लिए पूर्व में आवेदन दिया गया था, जिसे अधिकारियों द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया था. इसके बाद दूसरी बार आवेदन किया गया है. उन्होंने कहा कि विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां गुणवत्तापूर्ण तरीके से संचालित की जाती हैं.
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