इंजीनियर निकले ठग, औरंगाबाद पुलिस ने 5 को किया गिरफ्तार, कई राज्यों में थी तलाश

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गिरफ्तार अपराधियों के साथ औरंगाबाद पुलिस

औरंगाबाद में 15 लाख का फ्रॉड होने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए एक गिरोह का खुलासा किया. साथ ही गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार भी किया गया है

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औरंगाबाद साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए साइबर जालसाजों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस गिरोह में शामिल पांच शातिर इंजीनियरों को गिरफ्तार किया है. बड़ी बात यह है कि ये बदमाश कई राज्यों में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे चुके हैं. इन राज्यों की पुलिस भी उनकी तलाश कर रही थी. उनकी गिरफ्तारी औरंगाबाद में साइबर क्राइम या यूं कहें धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद की गई है. इनके पास से एक दर्जन से ज्यादा एटीएम समेत कैश बरामद हुआ है.

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कैसे हुई गिरफ्तारी?

कार्रवाई से संबंधित जानकारी साझा करते हुए औरंगाबाद एसपी स्वप्ना जी मेश्राम ने बताया कि 18 मई को औरंगाबाद शहर के ही सहादत हुसैन नामक व्यक्ति द्वारा जानकारी दी गयी कि पोकलेन मशीन खरीदने के नाम पर उसके साथ 15 लाख की धोखाधड़ी की गयी है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना में कांड संख्या 30/24 दर्ज की गयी. साइबर पुलिस उपाधीक्षक डॉ अनु क���मारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया.

तकनीकी एवं मानव अनुसंधान के क्रम में विशेष टीम ने विभिन्न खातों की जांच कर स्मार्ट रिपोर्ट, टावर लोकेशन, बैंक ट्रांजेक्शन, जेम्स पोर्टल आदि के साथ मोबाइल नंबरों के एसडीआर एवं सीडीआर के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना में छापेमारी की गयी और पांच शातिरों को गिरफ्तार किया गया. ये सभी इंजीनियरिंग के छात्र है.

पटना के रहने वाले हैं सभी अपराधी

पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि ये सभी लोग गरीब और भोले-भाले लोगों का खाता खुलवाते थे और अवैध अकाउंट और एटीएम ट्रांजेक्शन के जरिए पैसे निकालते थे. गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास भी है. उन्होंने चंडीगढ़, कोलकाता, झारखंड, पंजाब आदि विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर भी शिकायतें दर्ज की हैं. वैसे, गिरफ्तार सभी अपराधी पटना जिले के निवासी हैं. उनके पास से छह मोबाइल फोन, 14 एटीएम कार्ड, 10 पासबुक और 48,611 रुपये नकद बरामद किये गये हैं.

इन पांच शातिरों की हुई गिरफ्तारी

धोखाधड़ी व साइबर अपराध का अंजाम देने वाले शातिरों में पटना जिले के कंकड़बाग थाना क्षेत्र के हनुमाननगर निवासी मदन विश्वकर्मा के पुत्र अंशु कुमार, अवधेश विश्वकर्मा के पुत्र विक्की विश्वकर्मा, मेदनी मुहल्ला राजेंद्र मोड हाजीपुर निवासी ज्ञानेश्वर सिंह के पुत्र राहुल कुमार, खेमनीचक दुर्गा मंदिर निवासी मुनारी महतो के पुत्र हरेराम कुमार और चाणक्या नगर कुम्हरार निवासी सुनील कुमार के पुत्र मनीष कुमार शामिल है. छापेमारी में टंडवा थाना के पुलिस निरीक्षक रामजी प्रसाद, दारोगा अमित कुमार, सहायक अवर निरीक्षक घनश्याम दुबे, सिपाही रोहित कुमार, राजू कुमार के अलावे साइबर थाना की टेक्निकल टीम शामिल थी.

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