भारतमाला परियोजना के निर्माण से नहर का पानी बाधित, आधा दर्जन गांवों के किसानों पर मंडराया फसल बर्बादी का संकट

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टूटा नहर का तटबंध

Aurangabad News : भारत माला सड़क निर्माण के कारण बसडीहा कैनाल का आउटलेट जाम हो गया है, जिससे सैकड़ों एकड़ में धान की फसल बर्बाद होने का खतरा है। किसानों ने डीएम से शिकायत की है।

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Aurangabad News : भारतमाला सड़क परियोजना के निर्माण के दौरान विभागीय अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण उत्तर कोयल मुख्य नहर के 168.5 आरडी से निकलने वाली बसडीहा वितरणी से होने वाली पटवन व्यवस्था बाधित हो गई है. पानी का रास्ता अवरुद्ध होने से दधपा पंचायत के आधा दर्जन गांवों के किसानों के सामने खरीफ फसल बचाने का संकट खड़ा हो गया है. इस बार धान की रोपाई करने में भी किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी है. ऐसी स्थिति में पोखराही, रसोईया, दधपा समेत आसपास के गांवों के किसान गंभीर रूप से परेशान हैं.

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नहर का पानी बंद होने से सैकड़ों एकड़ खेत प्रभावित

किसानों ने शुक्रवार को संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त आवेदन जिलाधिकारी को देकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है. आवेदन में बताया गया है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के क्रम में अंबा-नवीनगर पथ स्थित तमसी पेट्रोल पंप के समीप बसडीहा नहर के ह्यूम पाइप के माध्यम से आसपास के गांवों के सैकड़ों एकड़ खेतों में धान की पटवन होती थी. वर्षों से किसान इसी कैनाल पर निर्भर रहे हैं.

मिट्टी डालकर पानी का रास्ता बंद करने का आरोप

किसानों का आरोप है कि भारतमाला सड़क निर्माण के दौरान कैनाल के आउटलेट से निकलने वाले पानी के मार्ग को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया है. इससे खेतों तक नहर का पानी पहुंचना बंद हो गया है. पानी नहीं मिलने के कारण खरीफ फसल को बचाना किसानों के लिए चुनौती बन गया है.

अस्थायी व्यवस्था भी बार-बार हो रही जाम

ग्रामीणों की शिकायत के बाद परियोजना के सहायक अभियंता की ओर से अस्थायी तौर पर पानी निकासी का रास्ता बनाया गया था. लेकिन बार-बार मिट्टी धंसने के कारण यह रास्ता भी जाम हो जाता है. किसानों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.

पक्का आउटलेट नहीं बना तो बर्बाद हो जाएगी धान की फसल

किसानों ने कहा कि अगर जल्द पक्का आउटलेट नहीं बनाया गया तो सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो जाएगी. इसके साथ ही खेतों के बंजर होने का भी खतरा है. किसानों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंच सके.

38 किसानों ने आवेदन पर किए हस्ताक्षर

समस्या को लेकर शिव कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार, अमरजीत कुमार, मनीष कुमार, जितेंद्र मेहता, विनोद मेहता, राहुल कुमार, नितेश कुमार मालाकार, अमित राज, राजेंद्र विश्वकर्मा, संजय ठाकुर समेत 38 किसानों ने संयुक्त आवेदन पर हस्ताक्षर किए हैं. किसानों ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर फसल प्रभावित होने की आशंका जताई है.

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