औरंगाबाद के 14 सरकारी स्कूल बने सरस्वती विद्या निकेतन, आधुनिक शिक्षा की नई शुरुआत

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कार्यक्रम में उपस्थित एमएलसी, जिलाधिकारी व अन्य | Prabhat Khabar Network

औरंगाबाद जिले में शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने के लिए 14 सरकारी विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है. इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं से छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी. यह राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है.

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Aurangabad News: जिले में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 14 सरकारी विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित कर संचालित किया गया है. इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेलकूद की सुविधाएं, डिजिटल शिक्षण संसाधन और प्रतियोगी परीक्षाओं की आधारभूत तैयारी जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे.

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रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सभी प्रखंडों में स्थापित 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का राज्यस्तरीय लोकार्पण किया. इसका सीधा प्रसारण सभी जिलों में किया गया. औरंगाबाद जिले का मुख्य कार्यक्रम सदर प्रखंड स्थित अनुग्रह इंटर कॉलेज (गेट स्कूल) परिसर में आयोजित हुआ, जहां विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह एवं जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. इसके बाद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा.

आदर्श विद्यालय के रूप में चयनित होने पर विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल रहा. कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया. उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया और शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण, अनुशासित एवं परिणामोन्मुख शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही छात्र-छात्राओं से नियमित अध्ययन, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील की.

जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि आदर्श विद्यालय राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर देना है. उन्होंने कहा कि शिक्षा विकसित समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है तथा ऐसे विद्यालय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में अनुभवी शिक्षकों द्वारा अध्यापन, स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेलकूद की सुविधाएं, करियर मार्गदर्शन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की आधारभूत तैयारी कराई जाएगी. साथ ही डिजिटल शिक्षण संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को समकालीन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी.

जिले के इन 14 विद्यालयों को मिला आदर्श विद्यालय का दर्जा

  • अनुग्रह इंटर कॉलेज (गेट स्कूल), औरंगाबाद
  • देवांशी उच्च विद्यालय, सुंदरगंज (बारुण)
  • उच्च विद्यालय चरण महादेवा (नवीनगर)
  • उच्च विद्यालय डुमरी (कुटुंबा)
  • राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय (देव)
  • उच्च विद्यालय बेरी (मदनपुर)
  • रानी ब्रजराज उच्च विद्यालय (रफीगंज)
  • उच्च विद्यालय रुकुंडी (गोह)
  • उच्च विद्यालय पथरौर (हसपुरा)
  • राष्ट्रीय उच्च विद्यालय, दाउदनगर
  • उच्च विद्यालय, ओबरा
  • अनुग्रह कन्या उच्च विद्यालय, औरंगाबाद
  • टाउन इंटर विद्यालय, औरंगाबाद
  • राजकीयकृत उच्च विद्यालय, जम्होर

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

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