औरंगाबाद में सांप के काटने से 10 वर्षीय मासूम की मौत, झाड़-फूंक में लगे रहे परिजन, अस्पताल पहुंचने से पहले गई जान

Updated:
विज्ञापन
अस्पताल में मौजूद परिजन

अस्पताल में मौजूद परिजन

औरंगाबाद जिले में बारिश के मौसम में सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। ओबरा थाना क्षेत्र के लीला बिगहा गांव में 10 वर्षीय आयुष की जहरीले सांप के डंसने के बाद झाड़-फूंक में समय बर्बाद होने से मौत हो गई। डॉक्टरों ने समय पर अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।

विज्ञापन

Aurangabad Snakebite Death : बिहार के औरंगाबाद जिले में बारिश के मौसम के बीच सांप के काटने से एक 10 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई. ओबरा थाना क्षेत्र के लीला बिगहा गांव में जहरीले सांप के डंसने के बाद परिजन पहले झाड़-फूंक कराते रहे. हालत बिगड़ने पर बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसे मामलों में तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की है.

10 वर्षीय आयुष की मौत

दरअसल, जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के लीला बिगहा गांव में गुरुवार रात 10 वर्षीय आयुष कुमार की सांप के काटने से मौत हो गई. आयुष, अनिल पासवान का पुत्र था. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

रात में सोते समय सांप ने डंसा

परिजनों के अनुसार गुरुवार रात आयुष अपने पिता के साथ घर में सो रहा था. इसी दौरान किसी समय जहरीले सांप ने उसे काट लिया. शुरुआत में परिवार को लगा कि बच्चे को किसी कीड़े-मकोड़े ने काटा है, इसलिए घर पर ही सामान्य उपचार किया जाता रहा.

झाड़-फूंक में बीता समय, अस्पताल पहुंचने में हुई देरी

जब बच्चे की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी तो परिजन उसे झाड़-फूंक कराने ले गए. काफी समय बीत जाने के बाद देर रात उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद लाया गया. हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी. जांच के बाद चिकित्सकों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया.

बारिश के मौसम में बढ़ रहे हैं सांप काटने के मामले

बारिश के मौसम में औरंगाबाद जिले में सांप के काटने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार इस वर्ष अब तक जिले में सांप के डंसने से 8 से 10 लोगों की मौत की बात सामने आ चुकी है. हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा की जानी बाकी है.

विशेषज्ञों ने दी समय पर अस्पताल पहुंचने की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए. समय पर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध होने पर अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है.

जागरूकता की जरूरत

ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग सांप के काटने के बाद चिकित्सकीय उपचार के बजाय पारंपरिक तरीकों पर भरोसा करते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता बढ़ाने और समय पर इलाज उपलब्ध कराने से ऐसी दुखद घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है.

Also Read : उत्तर कोयल मुख्य नहर का निरीक्षण, कपसिया नहर में पहली बार पहुंचा 105 क्यूसेक पानी


विज्ञापन
Sujeet Kumar

लेखक के बारे में

By Sujeet Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन