औरंगाबाद में जर्जर पुल दे रहा हादसे को न्योता, दरारों के बीच आवागमन को मजबूर हैं ग्रामीण
2003 में बना पुल अब दे रहा है दरार
Aurangabad News : ओबरा के अदरी नदी पर बना पुल जर्जर होने से एक दर्जन गांवों के लोग परेशान हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पुल के पुनर्निर्माण की मांग की है.
Aurangabad News : ओबरा प्रखंड के झांझो बिगहा से सोनहुली जाने वाले मार्ग में अदरी नदी पर बना पुल जर्जर होकर हादसे को न्योता दे रहा है. पुल में जगह-जगह दरारें पड़ गयी हैं और इसकी स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों में कभी भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है. यह पुल एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है. पुल की बदहाल स्थिति के बावजूद इसके पुनर्निर्माण को लेकर अब तक ठोस पहल नहीं हो सकी है.
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2003 में ऐच्छिक निधि से हुआ था पुल का निर्माण
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2003 में तत्कालीन ओबरा विधायक एवं वर्तमान काराकाट सांसद राजाराम सिंह की ऐच्छिक निधि से करीब तीन लाख 41 हजार रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया गया था. पुल के पिलर निर्माण में ग्रामीणों ने भी श्रमदान किया था. निर्माण के करीब दो दशक से अधिक समय बीत चुके हैं. ऐसे में पुल की हालत काफी खराब हो गयी है और जगह-जगह दरारें पड़ने के साथ इसकी संरचना भी कमजोर होती जा रही है.
पुल जर्जर, पगडंडी बनी आवागमन का सहारा
इस पुल से कदियाही, सोनहुली, रतवार, हेमजा, बड़की कदियाही और रतवार बिगहा समेत कई गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है. पुल की जर्जर स्थिति के कारण लोग पगडंडी के रास्ते आने-जाने को विवश हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पगडंडी पर आज तक पक्की सड़क नहीं बन सकी है. बरसात के दिनों में यह रास्ता और भी बदहाल हो जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
ग्रामीण अजय कुमार, पिंटू मेहता, धनंजय कुमार, जितेंद्र कुमार वर्मा, राजू कुमार, विकास कुमार, जयप्रकाश मेहता, शिवपूजन महतो, राधे महतो, रितिक कुमार और सरजू यादव समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि इस मार्ग से सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए ओबरा बाजार आते-जाते हैं. गर्मी के दिनों में किसी तरह आवागमन हो जाता है, लेकिन बरसात में रास्ता खराब होने से विद्यार्थियों के साथ आम लोगों की परेशानी भी बढ़ जाती है.
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हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की जर्जर स्थिति की जानकारी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक इस दिशा में प्रभावी पहल नहीं की गयी है. ग्रामीणों ने कहा कि पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते पुल का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया और कोई दुर्घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी.
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सांसद और मुख्यमंत्री को दिया आवेदन
समस्या को लेकर ग्रामीणों ने काराकाट सांसद राजाराम सिंह और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आवेदन देकर मामले से अवगत कराया है. ग्रामीणों ने जर्जर पुल का जल्द पुनर्निर्माण कराने के साथ पगडंडी वाले रास्ते पर पक्की सड़क बनाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि पुल और सड़क की समस्या का समाधान होने से एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
क्या कहते हैं सांसद
सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि अदरी नदी पर बना पुल जर्जर स्थिति में है और इससे बड़ी संख्या में आम लोगों का आवागमन जुड़ा हुआ है. लोगों की सुविधा को देखते हुए पुल के निर्माण के लिए प्राथमिकता के आधार पर पहल की जाएगी. Also Read : बटाने नदी में डूबे औरंगाबाद के युवक का शव बरामद, दो दिन बाद मूंज की झाड़ी में मिला राजू का शव
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