पांच बड़े मामलों में थी कपिल की तलाश

Published at :16 Sep 2016 8:05 AM (IST)
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पांच बड़े मामलों में थी कपिल की तलाश

औरंगाबाद नगर : भाकपा माओवादी के सबजोनल कमांडर कपिल भुइंया उर्फ तपेश्वर भुइंया ने पुलिस अधीक्षक बाबू राम के सामने सरेंडर कर दिया. पुलिस अधीक्षक ने सरेंडर करने वाले नक्सली को माला पहनाकर स्वागत किया. इस दौरान एसपी ने कहा कि कपिल भुइंया को सरेंडर कराने में कासमा थानाध्यक्ष संजय कुमार, सलैया थानाध्यक्ष दारोगा सुरेश […]

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औरंगाबाद नगर : भाकपा माओवादी के सबजोनल कमांडर कपिल भुइंया उर्फ तपेश्वर भुइंया ने पुलिस अधीक्षक बाबू राम के सामने सरेंडर कर दिया. पुलिस अधीक्षक ने सरेंडर करने वाले नक्सली को माला पहनाकर स्वागत किया. इस दौरान एसपी ने कहा कि कपिल भुइंया को सरेंडर कराने में कासमा थानाध्यक्ष संजय कुमार, सलैया थानाध्यक्ष दारोगा सुरेश रविदास, पंकज कुमार, अजय शंकर, अरविंद कुमार, डीआइयू के प्रभारी नरोतम चंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. वही, नक्सली के परिवार ने भी आत्मसमर्पण करने के लिये काफी प्रयास किया.
यही कारण रहा कि ऑपरेशन विश्वास के तहत कपिल भुइंया ने सरेंडर किया. एसपी ने यह भी कहा कि 8 जनवरी 2016 को ढिबरा थाना क्षेत्र के बांध गोरया जंगल में मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने, 18 जुलाई 2016 को गया जिले डुमरी जंगल में मुठभेड़ के दौरान तीन नक्सलियों को मारे जाने के कारण कई नक्सली पार्टी छोड़ कर भाग रहे हैं और कुछ लोग भाग गये हैं. इसी क्रम में सबजोनल कमांडर कपिल भुइंया ने पार्टी से भागने के बजाय समाज की मुख्य धारा से जुड़ने के लिये आत्मसमर्पण किया. पूछताछ के क्रम में सबजोनल कमांडर कपिल भुइंया ने कहा कि जिस पार्टी से प्रेरित होकर नक्सली बने थे, अब वहां कोई सिद्धांत नहीं बचा है. वहां सिर्फ गरीब परिवार के लोगों को शोषण किया जा रहा है. गैर कानूनी काम करने के लिये मजबूर किया जा रहा है.
जब घर लौटने के छुट्टी मांगने पर कई तरह की धमकी दी जाती है. सरेंडर करने पर नक्सली संगठन ने पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है. पार्टी में केवल उच्च स्तरीय नेताओं का वर्चस्व चल रहा है. लेवी का जो पैसा आता है, उसका कोई हिसाब-किताब नहीं दिखाया जाता. बल्कि, उच्च पद पर बैठे लोग पैसा रख लेते हैं और निजी कार्य में इस्तेमाल करते हैं. एसपी बाबू राम ने कहा कि सरेंडर करनेवाले नक्सली को नियमों के मुताबिक सभी तरह की सहायता व सुविधा प्रदान की जायेगी. साथ ही मुआवजे की राशि भी दी जायेगी.
आइइडी लगाने के मामलों में वांछित है कपिल : पुलिस अधीक्षक बाबू राम ने कहा कि कपिल भुइंया पर जिले के विभिन्न थानों में पांच कांड दर्ज हैं, जिसमें कासमा थाना कांड संख्या 14/14 दर्ज है. इसमें 4 अप्रैल 2014 को कासमा थाना अंतर्गत गम्हरिया गांव में नक्सली दस्ते के साथ चुनाव कार्य में बाधा डालने व पुलिस बल को क्षति पहुंचाने के लिये हथियार इकट्ठा किया था. मदनपुर थाना में 49/6 कांड दर्ज है. जो 25 अप्रैल 2006 को मदनपुर थाना क्षेत्र के आंट गांव में अपने सहयोगियों के साथ बबन सिंह की हत्या गोली मारकर व बम विस्फोट कर किया था.
9 जून 2014 को पचरूखिया पहाड़ पर पुलिस पार्टी पर हमला करने के लिये आइइडी बम लगाने को लेकर मदनपुर थाने में ही 87/14 कांड दर्ज है. सलैया थाना में कांड संख्या 10/14 दर्ज है, जो 24 फरवरी 2014 को चाल्हो पहाड पर पुलिस को क्षति पहुचाने के लिये आइईडी लगाया था. वहीं सलैया थाना में ही 24/14 कांड दर्ज है, जो 27 जूलाई 2014 को मीरगंज में हथियारबंद नक्सलियों के साथ मोबाइल टावर को उड़ाया था. एसपी ने यह भी बताया कि पिछले 30 सालों से नक्सली कपिल भुइंया संगठन में सक्रिय था. उसके सरेंडर के दौरान एएसपी राजेश भारती, एसडीपीओ पीएन साहू सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
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