कहा, पक्षपातपूर्ण है प्रशासनिक कार्रवाई
औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद सांसद के बड़े भाई सुनील कुमार सिंह ने प्रशासनिक कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करार देते हुए कहा है कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है और सच्चाई की जीत होगी. सुनील सिंह ने कहा कि छोटे भाई और औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह के विकासशील इरादे को दबाने के लिए कार्रवाई की गयी है.
अगर प्रशासन के अनुसार हम गलत हैं और अपना अतिक्रमण नहीं हटाते तो कार्रवाई सही होती, लेकिन भ्रष्टाचार के विरुद्ध सांसद द्वारा आवाज उठाये जाने की सजा मिली है. बिजली परियोजना में किसानों की लड़ाई लड़ने और उतरकोयल परियोजना का कार्य कराने की सजा उन्हें मिली है. जिले में अतिक्रमण का ढेर सारा मामला है. उन्होंने कहा कि जिस जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है, उसमें कई हिस्सेदार हैं. पर, किसी को मौका नहीं दिया गया. सीओ सुप्रीम कोर्ट नहीं हैं, उनके ऊपर भी कोर्ट है. जमीन हमारे पूर्वजों द्वारा अर्जीत की गयी है. सारा कागजात है, पर उसे नहीं देखा गया. पूर्व मंत्री रामाधार सिंह के इशारे पर सांसद सुशील सिंह को परेशान करने के लिए कार्रवाई की गयी है. इधर, पूर्व मंत्री रामाधार सिंह ने सुनील सिंह के आरोप को गलत करार दिया है.
जमाबंदी करने व करानेवालों पर होगी कार्रवाई : डीएम : जिलाधिकारी कंवल तनुज ने स्पष्ट तौर पर कहा कि विधायक आनंद शंकर और सांसद के भाई सुनील कुमार सिंह के जमाबंदी मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. इसके लिए एक कमेटी बनायी गयी है.
जमाबंदी कौन करवाया और कौन करवा रहा है, इस मामले की कमेटी जांच कर कार्रवाई के लिए अनुशंसा करेगी. जिस किसी भी कर्मचारी ने लापरवाही बरती है, उस पर सख्त कार्रवाई होगी. डीएम ने कहा कि अभी समय गया नहीं है. अपील फाइल करें और अगर सही है, तो उचित निर्णय लिया जायेगा.
दो बड़े कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप: औरंगाबाद में विधायक आनंद शंकर के बाद सांसद के भाई सुशील कुमार सिंह के जमीन पर प्रशासनिक बुलडोजर चलाये जाने के बाद अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गयी है. एक ही माह के भीतर डीएम के दो बड़े कार्रवाई ने अतिक्रमणकारियों की अब जड़ें हीला दी है. संभावना है कि जल्द ही पुरानी जीटी रोड,महाराजगंज रोड सहित अन्य सड़कों को अतिक्रमणमुक्त करने की कार्रवाई की जा सकती है.