अरवल : आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र कलाकारों की प्रतिभा निखारेगा, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा, जानिए पूरा शेड्यूल
जीए स्कुल की फाइल फोटो| Prabhat Khabar Network
अरवल जिले में लोक कलाकारों की प्रतिभा निखारने के लिए आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है. यहां नवोदित कलाकारों को शास्त्रीय नृत्य, संगीत, और वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलेगी.
Amrapali Training Center : आम्रपाली संस्थान अरवल जिले के लोक कलाकारों को खोज कर और उनका डेटाबेस तैयार कर प्रशिक्षण देगा. इसमें स्थानीय नवोदित एवं युवा कलाकारों को सुयोग्य शिक्षकों के द्वारा शास्त्रीय नृत्य, संगीत, वाद्य यंत्र एवं अन्य से संबंधित विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. बिहार की गौरवशाली कला, संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन व विकास के लिए अरवल के जीए उच्च विद्यालय में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है. इसके लिए जिला में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में पारंपरिक क्षेत्रीय कला को संजोकर रखने वाले कलाकारों को प्रतिभा निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई जाएगी.
कला संस्कृति विभाग आम्रपाली योजना के तहत कलाकारों को मंच देगी. आम्रपाली योजना के तहत जिला स्तर पर गायन, वादन व नृत्य का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था स्कुल में किया गया है. प्रशिक्षण के लिए विभाग ही जिले के ऐसे नवोदित कलाकारों की खोजकर उसे पहचान दिलाने की पहल करने जा रही है. जिससे स्थानीय भाषा के कलाकारों को अवसर मिलेगा.
शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय वादन, कत्थक, भरत नाटॺम, मगही लोकगीत,जैसे कला को बढ़ाने की पहल की जा रही है. प्रक्रिया भी की जा रही है. साथ ही स्थानीय ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहरों को भी संरक्षित करने की जिम्मेदारी दी गई है. इन सब को जमीन पर उतारने के लिए जिले में कला संस्कृति पदाधिकारी सुनैना कुमारी को जिम्मेवारी दी गई है.
जिले के ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहर किए जाएंगे संरक्षित
कला संस्कृति विभाग जिला स्तर पर ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व से जुड़े जगहों को भी संरक्षित करेगी. विभाग की इस पहल से जिले के ऐतिहासिक महत्व से जुड़े धरोहरों के संवरने की उम्मीद जगी है. धार्मिक महत्व के जगहों को विभाग खोजकर धरोहर को संवारने वाली है.
कलाकारों को प्रतिभा निखारने के लिए मिलेगा मंच
जिले में कलाकारों की कमी नहीं है. शहर से लेकर सुदूर गांवों में कला की गूंज गूंजती रहती है. पर, सरकारी स्तर पर इसकी सुध नहीं लेने व जिले में वैसा मंच नहीं मिलने से कला दबी रह जा रही है. अब सरकार स्तर से ऐसी कलाओं को उभारने की पहल से कलाकारों को देश व दुनिया जान सकेगी. इससे कलाकारों की दिन अच्छे होने वाले हैं.
गांवों में लोक गीत के कलाकारों की छुपी प्रतिभा को मंच मिलेगा तो जिले में पहचान बनेगी. साथ ही आर्थिक रूप से भी सबल होने का अवसर बढ़ेगा. कला के क्षेत्र में जिले की पहचान पहले से ही है. अब सरकारी स्तर पर प्रशिक्षण पाकर कलाकारों को अवसर मिलेगा.
प्रशिक्षण दो सत्र में होगा
दोपहर 12 बजे से 6 बजे तक प्रशिक्षण चलेगा. प्रथम सत्र 2 बजे से 4 बजे तक और द्वितीय सत्र 4 बजे से 6 बजे तक चलेगा.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
जिला कला संस्कृति पदाधिकारी सुनैना कुमारी ने कहा कि आम्रपाली योजना के तहत जीए उच्च विद्यालय में प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है. जहां पर मंगलवार से रविवार तक कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जायेगा.
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