आरा : कोईलवर में 20 धर्मकांटों पर छापेमारी, बालू की अवैध कटिंग-बिक्री का आरोप, डेढ़ करोड़ से अधिक का दंड
कार्रवाई के दौरान धर्मकांटा पर भंडारित बालू
Koilwar Weighbridge Raid : आरा के चांदी थाना क्षेत्र में धर्मकांटों की आड़ में चल रहे अवैध बालू कारोबार का पर्दाफाश हुआ है. प्रशासन की टीम ने 20 से अधिक धर्मकांटों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध बालू भंडारण का खुलासा किया है.
Koilwar Weighbridge Raid : आरा के कोईलवर सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाइवे पर चांदी थाना क्षेत्र में धर्मकांटों की आड़ में कथित अवैध बालू कारोबार का मामला सामने आया है. शनिवार की शाम जिला खनन विभाग और प्रशासन की टीम ने चांदी चौक से भदवर गांव के बीच करीब छह किलोमीटर के इलाके में कई धर्मकांटों पर एक साथ छापेमारी की. कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया.
20 से अधिक धर्मकांटों पर हुई छापेमारी
प्रशासन की टीम ने करीब 20 धर्मकांटों पर कार्रवाई की. आरोप है कि इन धर्मकांटों पर ओवरलोड बालू लदे ट्रकों से बालू उतारकर उसका भंडारण किया जाता था और बाद में ट्रैक्टर समेत अन्य वाहनों के माध्यम से बिक्री की जाती थी. कार्रवाई के दौरान कई धर्मकांटा संचालक और वहां काम करने वाले कर्मियों के मौके से चले जाने की बात भी सामने आयी.
अवैध बालू भंडारण और कागजात की जांच
छापेमारी के दौरान कुछ धर्मकांटों पर अवैध रूप से बालू भंडारित मिलने की बात कही गयी है. टीम ने संचालकों से बालू के भंडारण, खरीद और बिक्री से संबंधित दस्तावेज मांगे. विभाग के अनुसार कई स्थानों पर संबंधित कागजात प्रस्तुत नहीं किये गये.

वजन करने की जगह बालू की कटिंग और बिक्री का आरोप
नियमों के अनुसार धर्मकांटों का मुख्य काम वाहनों पर लदे सामान का वजन करना है. विभागीय जांच में आरोप लगाया गया कि कुछ धर्मकांटों की आड़ में ओवरलोड बालू लदे ट्रकों से बालू उतारने, उसे जमा करने और फिर ट्रैक्टरों के जरिये बेचने का कारोबार किया जा रहा था. विभाग का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे खनन नियमों के साथ सरकारी राजस्व को भी नुकसान होता है.
20 धर्मकांटों के खिलाफ चांदी थाने में केस
कार्रवाई के बाद 20 धर्मकांटों के खिलाफ चांदी थाना में मामला दर्ज कराया गया है. खनन निरीक्षक राज गौरव की ओर से प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. मामले में बालू के अवैध भंडारण और बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है.
डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का दंड लगाया गया
विभागीय कार्रवाई के दौरान संबंधित धर्मकांटा संचालकों पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का दंड अधिरोपित किये जाने की बात सामने आयी है. कार्रवाई के तहत पकड़े गये धर्मकांटों को सील करने और उनके लाइसेंस निरस्त करने के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की गयी है.
पहले भी दर्ज हो चुके हैं चार मामले
धर्मकांटा संचालकों के खिलाफ पूर्व में भी चार मामले दर्ज होने की बात कही गयी है. विभागीय स्तर पर यह भी बताया गया है कि पूर्व के मामलों में लगाए गये शमन शुल्क का भुगतान किये बिना ही कथित रूप से कारोबार जारी रखा गया. अब संबंधित धर्मकांटों के लाइसेंस निरस्त करने या उन्हें सील करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है.
एसडीओ के नेतृत्व में हुई छापेमारी
धर्मकांटों के खिलाफ अभियान अनुमंडल पदाधिकारी सदर आरा के नेतृत्व में चलाया गया. कार्रवाई में जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनिज विकास पदाधिकारी, खान निरीक्षक और चांदी थाना की पुलिस के साथ सशस्त्र बल शामिल रहे. टीम ने अलग-अलग धर्मकांटों की जांच कर कार्रवाई की.

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की भूमिका पर उठाये सवाल
कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाये हैं. लोगों का आरोप है कि सकड्डी-नासरीगंज मार्ग पर लंबे समय से कुछ धर्मकांटों के जरिये ओवरलोड ट्रकों से बालू उतारने और उसे ट्रैक्टरों से बेचने का खेल चल रहा था. स्थानीय लोगों ने पुलिस, खनन और परिवहन विभाग की नियमित निगरानी पर भी सवाल उठाये हैं.
सड़क पर दुर्घटना की आशंका का भी दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के दोनों ओर संचालित धर्मकांटों और वहां आने-जाने वाले बालू लदे वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है. लोगों का कहना है कि सड़क किनारे वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. हालांकि, इन आरोपों और प्रशासन की भूमिका से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
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