आरा में गंगा का जलस्तर घटा लेकिन बाढ़ का संकट बरकरार, बड़हरा में छतों पर लोग काट रहे जिंदगी

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छत पर त्रिपाल लगाकर लोग रहने को मजबुर

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गंगा नदी के जलस्तर में कमी के बावजूद आरा के बड़हरा प्रखंड में बाढ़ का गंभीर संकट बना हुआ है। कई गांव अभी भी पानी में डूबे हैं, जिससे हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है और लोग छतों पर जीवन गुजारने को मजबूर हैं।

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Arrah Flood : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज होने से आरा में बाढ़ प्रभावित इलाको के लोगो ने राहत की सांस ली है, लेकिन बड़हरा प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का संकट अब भी गंभीर बना हुआ है. बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार मंगलवार की शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 54.46 मीटर दर्ज किया गया. यह खतरे के निशान 53.08 मीटर से अभी भी 1.38 मीटर ऊपर है. जलस्तर में कमी के बावजूद निचले इलाको में जलजमाव और घरो में घुसा पानी लोगो की परेशानी बढ़ा रहा है.

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छतो पर कट रही जिंदगी

अवदान राय के टोला, अलेखी टोला, नेकनाम टोला समेत कई गांवों में बाढ़ प्रभावित परिवार अभी भी घरो की छतो और ऊचे स्थानो पर रहने को मजबूर है. कई घरो में पानी पूरी तरह नहीं निकलने के कारण ग्रामीण चौकी के ऊपर चौकी रखकर किसी तरह रात गुजार रहे है. घर के अंदर पानी रहने से खाना बनाने, सोने और दैनिक कार्यो में लोगो को काफी परेशानी हो रही है.

गंगा का पानी घटा फिर भी खतरा टला नहीं, पटना के कई घाट अब भी लाल निशान के ऊपर, जानिए बिहार में बाढ़ का हाल ग्रामीणो का कहना है, कि गंगा का पानी धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन घरो और आसपास के क्षेत्रो में जमा पानी निकलने में अभी कई दिन लग सकते है. पानी घटने के बाद भी कीचड़, गंदगी और दुर्गध के कारण बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है.

हजारो एकड़ में फसल बर्बाद

बाढ़ ने किसानो की कमर भी तोड़ दी है. गुंडी, सेमरिया पड़रिया, फरना और बखोरापुर पंचायतों के कई इलाको में बाढ़ का पानी फैलने से हजारो एकड़ में लगी सब्जी, धान, मक्का समेत अन्य फसले बर्बाद हो गयी है. खेतो में कई दिनो तक पानी जमा रहने के कारण तैयार फसले सड़ गई है. सब्जी की खेती करने वाले किसानो को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा है.

छत पर त्रिपाल लगाकर लोग रहने के मजबुर घर मे चौकी पर पढ़ते बच्चे | Prabhat Khabar Network
पानी के घर में चौकी पर मजबुरी में पढ़ते बच्चे

किसानो का कहना है, कि खेती में लगी पूंजी डूब गयी है, और अब अगली फसल की तैयारी करना भी मुश्किल होगा. ग्रामीणो ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रो में फसल क्षति का शीघ्र सर्वे कराकर किसानो को उचित मुआवजा देने की मांग की है.

सड़को पर भी जमा है ,पानी

बाढ़ का असर ग्रामीण आवागमन पर भी पड़ा है. कई संपर्क मार्गो और ग्रामीण सड़को पर अब भी पानी जमा रहने से लोगो को आने-जाने में परेशानी हो रही है. जरूरी सामान लेने और इलाज के लिए बाहर जाने वाले लोगो को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है. जलस्तर में कमी के साथ लोगो को उम्मीद है, कि आने वाले दिनो में स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा. हालांकि, ग्रामीणो की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नही हुई है. उनका कहना है, कि गंगा का जलस्तर भले घट रहा हो, लेकिन जब तक गांवों और घरो से पानी पूरी तरह नही निकलता, तब तक बाढ़ की परेशानी बनी रहेगी.

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