सिकटी सीएचसी में प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

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हंगामा करते परिजनों को समझते जन प्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network

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सिकटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद एक महिला की मौत से हड़कंप मच गया. परिजनों ने डॉक्टर और नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया. मामले की जांच जारी है.

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Sikti CHC Woman Death: सिकटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकटी में शुक्रवार को प्रसव के कुछ देर बाद 27 वर्षीय महिला की मौत हो गयी. मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की.

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मृतका की पहचान सिकटी थाना क्षेत्र के बोकौतरी पंचायत स्थित सैदाबाद वार्ड संख्या 14 निवासी अलाउद्दीन की पत्नी साइस्ता खातून के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने पर समय पर उचित उपचार नहीं मिला. हालांकि, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने इन आरोपों से अलग महिला की स्थिति गंभीर होने और बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किये जाने की बात कही है.

सुबह भर्ती हुई, दोपहर में प्रसव के बाद बिगड़ी हालत

परिजनों के अनुसार साइस्ता खातून को शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे प्रसव के लिए सिकटी सीएचसी में भर्ती कराया गया था. करीब 12 बजे उसका प्रसव हुआ. इसके लगभग डेढ़ घंटे बाद दोपहर करीब 1:30 बजे महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गयी.

परिजनों का कहना है कि प्रसव के दौरान महिला को अधिक रक्तस्राव हुआ. उनका आरोप है कि हालत बिगड़ने के बाद समय पर समुचित जांच और इलाज नहीं किया गया तथा उसे रेफर कर दिया गया. इसी दौरान उसकी मौत हो गयी.

परिजनों के मुताबिक साइस्ता खातून तीन बच्चों की मां थी. इससे पहले उसके एक बच्चे की भी मौत हो चुकी थी.

मौत के बाद अस्पताल परिसर में जुटी भीड़

महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग सीएचसी परिसर में जुट गये. आक्रोशित परिजनों ने शव को अस्पताल परिसर में रखकर हंगामा किया और इलाज में कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की.

परिजनों ने डॉक्टर बिजेंद्र कुमार पंडित और एएनएम कविता कुमारी व पूजा कुमारी को जिम्मेदार ठहराते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की. वहीं, अस्पताल में प्रसव कराने पहुंची अन्य महिलाओं के परिजनों ने भी कर्मचारियों पर रुपये मांगने के आरोप लगाये. इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

डॉक्टर ने बताया प्रसव के दौरान बनी गंभीर स्थिति

ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. बिजेंद्र कुमार पंडित ने बताया कि प्रसव के दौरान सीजर की स्थिति उत्पन्न हुई थी. इसके बाद स्टिच लगाया गया. स्टिच लगाने के बाद महिला को रक्तस्राव हुआ, जिससे उसका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया और स्थिति गंभीर हो गयी.

चिकित्सक के अनुसार महिला को दो सुई दी गयीं और उसके परिजनों को उसकी गंभीर स्थिति की जानकारी दी गयी. बेहतर उपचार के लिए उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रेफर किये जाने के दौरान ही उसकी मौत हो गयी.

थानाध्यक्ष के पहुंचने के बाद शांत हुआ मामला

घटना की जानकारी मिलने के बाद सिकटी थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्रा सीएचसी पहुंचे. उनके साथ पूर्व प्रमुख मो. कमरुज्जमा, पैक्स अध्यक्ष सह बीससूत्री उपाध्यक्ष भवेश कुमार राय, युवा नेता अरमान आलम, सरपंच प्रतिनिधि नासिद आलम, जफर आलम, डॉ. यासीन, वार्ड सदस्य मो. लजिम समेत अन्य लोग भी अस्पताल पहुंचे.

लोगों ने परिजनों को समझाया-बुझाया. इसके बाद मृतका के परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए.

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए अररिया भेजा

घटना की सूचना मिलने पर सिकटी थाना और बरदाहा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए अररिया भेज दिया.

सिकटी थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. महिला की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

Sikti CHC Woman Death: जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वास्तविक वजह

इस घटना में फिलहाल परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने महिला की गंभीर स्थिति और रक्तस्राव के बाद रेफर किये जाने की बात कही है. ऐसे में मौत की वास्तविक चिकित्सकीय वजह और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही निकलेगा.

घटना ने एक बार फिर प्रसव के दौरान आपात स्थिति पैदा होने पर समय पर उपचार और जरूरत पड़ने पर मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किये हैं. जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला को किस स्तर की चिकित्सकीय सहायता मिली और उसकी हालत बिगड़ने के बाद रेफरल प्रक्रिया कितनी समयबद्ध रही.

फोटो-हंगामा करते परिजनों को समझते जन प्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network
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