अररिया: ठेकपुरा उच्च विद्यालय में वित्तीय अनियमिता और अवैध वसूली पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शन करते ग्रामीण. | Prabhat Khabar Network
अररिया के ठेकपुरा उच्च विद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा. अभिभावकों ने स्कूल परिसर में प्रदर्शन कर व्यवस्था सुधार की मांग की है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापिका से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है.
अररिया के रानीगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित उच्च विद्यालय ठेकपुरा में कथित अनियमितताओं को लेकर बुधवार को ग्रामीणों और अभिभावकों का आक्रोश सामने आया. विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रदर्शन कर विद्यालय की व्यवस्था में सुधार की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में लंबे समय से विभिन्न तरह की अनियमितताओं की शिकायत की जा रही है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थिति को लेकर नाराजगी बनी हुई है. हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच होना अभी बाकी है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर लगाए गए कई आरोप
ग्रामीणों की ओर से इससे पहले जिला शिक्षा पदाधिकारी, अररिया को आवेदन दिया गया था. आवेदन में विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका आशा कुमारी के खिलाफ विद्यालय विकास कोष और अन्य सरकारी योजनाओं की राशि के कथित दुरुपयोग समेत कई आरोप लगाए गए हैं. शिकायत में निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने, राशि लेने के बाद रसीद नहीं देने तथा मूल अंकपत्र और स्थानांतरण प्रमाणपत्र देने के नाम पर पैसे लेने का आरोप भी लगाया गया है. ग्रामीणों ने इन मामलों की जांच कराने की मांग की है. इसके अलावा शिकायत में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों की उपस्थिति में कथित अनियमितता का भी उल्लेख किया गया है. ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय प्रबंधन समिति की नियमित बैठक नहीं होने और विद्यालय में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहने की समस्या भी है.
शिक्षक और प्रधानाध्यापिका के बीच समन्वय को लेकर भी शिकायत
ग्रामीणों ने विद्यालय में शिक्षकों और प्रभारी प्रधानाध्यापिका के बीच समन्वय की कमी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इसका असर विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक माहौल पर पड़ सकता है. शिकायत में ग्रामीणों और शिक्षकों को एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की कथित धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है.
DEO कार्यालय ने प्रधानाध्यापिका से 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका आशा कुमारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है. विभागीय पत्र में शिकायत में लगाए गए आरोपों का उल्लेख करते हुए प्रधानाध्यापिका को 24 घंटे के अंदर तथ्यपरक साक्ष्य के साथ अपना जवाब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. विभागीय पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है. इससे स्पष्ट है कि शिकायत को लेकर विभागीय स्तर पर जवाब-तलब की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
प्रदर्शन के बीच अब जांच की कार्रवाई पर टिकी नजर
बुधवार को विद्यालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय की व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई. उनका कहना था कि बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय के बेहतर संचालन के लिए पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप की बिंदुवार जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप तथ्यहीन पाए जाते हैं तो इसकी स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए.
प्रधानाध्यापिका ने कहा, "हमें कुछ नहीं कहना है"
मामले को लेकर विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका आशा कुमारी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया. उन्होंने कहा, "हमें कुछ नहीं कहना है." वहीं स्थापना डीपीओ संदीप रंजन ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी. विभाग की ओर से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और प्रधानाध्यापिका के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई होने की बात कही गई है.
जांच के बाद ही साफ होगी शिकायतों की वास्तविक स्थिति
ठेकपुरा उच्च विद्यालय को लेकर सामने आए इस विवाद में फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत, विद्यालय परिसर में प्रदर्शन और शिक्षा विभाग की ओर से मांगा गया स्पष्टीकरण सामने आया है. वित्तीय अनियमितता, शुल्क वसूली, प्रमाणपत्र के लिए पैसे लेने, उपस्थिति और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. अब शिक्षा विभाग की जांच और प्रधानाध्यापिका की ओर से दिए जाने वाले तथ्यपरक जवाब पर ग्रामीणों और अभिभावकों की नजर है. जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है.
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