नरपतगंज के विद्यालयों में शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर मनाया काला दिवस

Updated:
विज्ञापन

फोटो- शिक्षक व विद्यालय कर्मियों ने मनाया काला दिवस  | Prabhat Khabar Network

नरपतगंज प्रखंड के शिक्षकों ने मंगलवार को बांह पर काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया. नई पेंशन योजना के विरोध में शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई. मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया है.

विज्ञापन

अररिया, नरपतगंज. नरपतगंज प्रखंड के अधिकांश विद्यालयों में मंगलवार को शिक्षकों, शिक्षा सेवकों और विद्यालय कर्मियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया. शिक्षक अपने कर्तव्य पर मौजूद रहे, लेकिन सरकार की पेंशन नीति को लेकर उनके बीच आक्रोश और भविष्य को लेकर चिंता दिखाई दी. शिक्षकों ने नई पेंशन व्यवस्था के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई.

आपके शहर में

विज्ञापन

2 सितंबर 2005 को बिहार में लागू हुई थी एनपीएस

एनएमओपीएस के पूर्णिया प्रमंडल जोनल प्रभारी सह प्रदेश उपसचिव सुनील कुमार यादव ने बताया कि बिहार के शिक्षक और कर्मचारी 2 सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाते हैं. उन्होंने कहा कि 2 सितंबर 2005 को तत्कालीन राज्यपाल बूटा सिंह ने राष्ट्रपति शासन के दौरान केंद्र की तत्कालीन वाजपेयी सरकार द्वारा लाई गई नई पेंशन योजना एनपीएस को बिहार में लागू किया था.

2004 में केंद्र ने बंद की थी पुरानी पेंशन व्यवस्था

सुनील कुमार यादव ने बताया कि 1 जनवरी 2004 को केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन योजना समाप्त कर दी थी. राज्यों से कहा गया था कि यदि वे पुरानी पेंशन व्यवस्था जारी रखना चाहते हैं तो अपने संसाधनों से इसका संचालन करें. उन्होंने कहा कि आर्थिक बोझ का हवाला देते हुए कई राज्यों ने ओपीएस बंद कर एनपीएस को अपनाना शुरू किया. पश्चिम बंगाल ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को जारी रखा.

कई राज्यों में फिर बहाल हुई पुरानी पेंशन

एनएमओपीएस नेता ने बताया कि कर्मचारियों के लगातार विरोध के बाद झारखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पंजाब सहित कुछ राज्यों में पुरानी पेंशन व्यवस्था फिर से लागू की गई है. उन्होंने कहा कि बिहार के शिक्षक और कर्मचारी भी लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग कर रहे हैं.

ओपीएस बहाली तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

सुनील कुमार यादव ने कहा कि एनएमओपीएस ने संकल्प लिया है कि जब तक बिहार में पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी संगठित होकर अपनी मांग के लिए संघर्ष करेंगे तो बिहार में भी पुरानी पेंशन योजना की बहाली संभव है. काला दिवस के माध्यम से शिक्षकों और कर्मचारियों ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन