सात सूत्रीय मांगों को लेकर ‘बिसवा’ का आंदोलन, कल्याण पदाधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध जताते कल्याण पदाधिकारी | Prabhat Khabar Network
अररिया जिले के कल्याण संवर्ग के अधिकारियों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है. शुक्रवार को उन्होंने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया, लेकिन सरकारी दायित्वों का निर्वहन भी जारी रखा. मूलभूत संसाधनों की कमी और प्रशासनिक सहयोग के अभाव में उन्हें काम करने में आ रही कठिनाइयों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया गया है.
Kalyan Officers Protest Araria: भरगामा (अररिया) में सात सूत्रीय मांगों को लेकर बिहार अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कल्याण पदाधिकारी संघ (बिसवा) के आह्वान पर कल्याण संवर्ग के अधिकारियों ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है. शुक्रवार को भरगामा समेत अररिया जिले के सभी प्रखंडों और अनुमंडलों में अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया. हालांकि, विरोध के दौरान अधिकारियों ने अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन भी किया.
संघ के अनुसार, राज्य की करीब 20 प्रतिशत एससी-एसटी आबादी के विकास और कल्याण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कल्याण पदाधिकारियों पर है. अधिकारियों का कहना है कि मूलभूत संसाधनों की कमी और प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण उन्हें काम करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
पहले भी सरकार को सौंपा जा चुका है मांगपत्र
कल्याण पदाधिकारियों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर पूर्व में जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार और संबंधित विभाग को मांगपत्र दिया जा चुका है. इसके अलावा संघ के प्रतिनिधियों ने विभागीय सचिव और मंत्री से भी मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया है. इसके बावजूद मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं होने के कारण अब चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है.
संघ की प्रमुख मांगों में अधिकारियों को मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराना और नियमानुसार समयबद्ध प्रोन्नति देना शामिल है. इसके साथ ही बिना सक्षम प्राधिकार के शुरू की गयी गैर-आनुपातिक विभागीय कार्रवाई को रद्द करने की मांग भी की गयी है.
Kalyan Officers Protest Araria: स्थानांतरण और अनुश्रवण व्यवस्था में बदलाव की मांग
अधिकारियों ने मुख्यालय प्रतिनियुक्ति में पारदर्शिता बरतने और तीन वर्षीय चक्रीय स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की है. इसके अलावा अव्यावहारिक अनुश्रवण कोषांग को भंग करने, क्षेत्र भ्रमण के लिए वाहन और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने तथा छात्रावास प्रबंधकों की नियुक्ति में तेजी लाने की मांग भी संघ की ओर से रखी गयी है.
कल्याण संवर्ग के अधिकारियों ने संवर्ग नियमावली में आवश्यक सुधार करते हुए राजपत्रित दर्जा देने और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की भी मांग की है.
प्रदेश संयुक्त सचिव सह भरगामा बीडब्ल्यूओ नरेश कुमार, अररिया के प्रवीण कुमार, पलासी के प्रिंस कुमार और सिकटी के मनीष भारद्वाज समेत अन्य अधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें न्यायसंगत हैं और लंबे समय से लंबित समस्याओं से जुड़ी हैं. अधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो संघ के सदस्य सामूहिक अवकाश पर जाने के लिए बाध्य होंगे.
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