डीपीओ ने किया निरीक्षण, बिना सूचना के स्कूल से गायब थे कई शिक्षक

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डीपीओ ने दोनों प्रधानों से मांगा स्पष्टीकरण अररिया : जिले के प्रारंभिक विद्यालयों की स्थिति चरमरा सी गयी है. विभागीय पदाधिकारियों का खौफ न तो प्रधानाध्यापक को है और नही शिक्षकों को. प्रधानाध्यापक मनमना रूप से विद्यालय संचालन कर रहे हैं. शिक्षकों पर प्रधानाध्यापकों केा नियंत्रण भी नहीं है. शिक्षक अगर विद्यालय नहीं पहुंचते हैं […]

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डीपीओ ने दोनों प्रधानों से मांगा स्पष्टीकरण

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अररिया : जिले के प्रारंभिक विद्यालयों की स्थिति चरमरा सी गयी है. विभागीय पदाधिकारियों का खौफ न तो प्रधानाध्यापक को है और नही शिक्षकों को. प्रधानाध्यापक मनमना रूप से विद्यालय संचालन कर रहे हैं. शिक्षकों पर प्रधानाध्यापकों केा नियंत्रण भी नहीं है. शिक्षक अगर विद्यालय नहीं पहुंचते हैं तो अपने मन से अवकाश दे देते हैं. इसके लिए कोई आवेदन देने की अवकाश भर देते हैं. वह भी किसी पदाधिकारी के निरीक्षण होने पर नहीं तो दूसरे दिन हाजिरी बना लेने की छुट रहती है.
विद्यालय में छात्र उपस्थित बढ़ाने की दिशा में विभाग द्वारा बार-बार प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को हिदायत दी जा रही है परंतु इस मामले में प्रधानाध्यापक व शिक्षक उदासीन बने हुए है. डीपीओ प्राथमिक शिक्षा सह समग्र शिक्षा अभियान बालेश्वर प्रसाद यादव द्वारा 11 अगस्त को अररिया प्रखंड के दो विद्यालय में किये गये निरीक्षण प्रतिवेदन से स्पष्ट होता है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय इटहारा व नवसृजित प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला इटहारा में डीपीओ श्री यादव द्वारा निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान उमवि इटहारा में सात शिक्षकों में एक शिक्षक घनश्याम पासवान व शिक्षिका सोनी कुमारी विद्यालय में अनुपस्थित पायी गयी. उनके उपस्थिति कॉलम में अवकाश लिखा हुआ था परंतु अवकाश का आवेदन प्रभारी प्रधानाध्यापक के पास नहीं था.
विद्यालय में 476 नामांकित बच्चों में मात्र 158 ही उपस्थिति पाये गये. कुल नामांकन के विरुद्ध 33 प्रतिशत है. एमडीएम संचालित होते पाया गया. विद्यालय के चार कमरे में एक से आठ के बच्चों को पढ़ाया जा रहा था. शेष कमरा को बंद पाया गया. दो-दो वर्ग को एक कमरे में शिक्षक-शिक्षिका पढ़ाते पाये गये. इसी विद्यालय में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय को टैग किया गया है. डीपीओ श्री यादव ने निर्देश दिया कि चेतना सत्र के बाद दोनों विद्यालय के बच्चों का उपस्थिति दर्ज कर दो विद्यालय के वर्गवार बच्चों को पढ़ाया जाय. डीपीओ ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को कार्य व दायित्व के प्रति लापरवाही व निर्देश का अनुपालन तथा दर्शायी गयी कर्मियों के संबंध में तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. नव प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला में तीन शिक्षक कार्यरत तो थे परंतु नामांकित 124 बच्चों में मात्र 57 बच्चे उपस्थित पाये गये. विद्यालय के एक कमरे में वर्ग एक से पांच तक संचालित किया जा रहा था. डीपीओ ने प्रधान शिक्षिका को निर्देश दिया कि चेतना सत्र करते हुए बच्चों को अलग-अलग उपस्थिति दर्ज करने के उपरांत दोनों विद्यालय के बच्चों को वर्गवार संयुक्त रूप से अलग-अलग उपस्थित दर्ज करने के उपरांत दोनों विद्यालय के बच्चों को वर्गवार संयुक्त रूप से अलग-अलग वर्ग कक्ष में अलग-अलग शिक्षकों द्वारा वर्ग कक्ष का संचालन करेंगे. डीपीओ ने निर्देश का अनुपालन व दर्शायी गयी कर्मियों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
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