लूट का जरिया बना सीएसपी

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अनियमितता. जिले के 614 सीएसपी के पास हैं साढ़े दस लाख खाते जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं में राशि की लूट का जरिया सीएसपी को बनाया जा रहा है. जिले में कुल खाता धारकों में 26 प्रतिशत सीएसपी से संबद्ध हैं. खाता खुलवाने की आसान प्रक्रिया के कारण इसमें खाता खुलवा कर योजनाओं की राशि […]

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अनियमितता. जिले के 614 सीएसपी के पास हैं साढ़े दस लाख खाते

जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं में राशि की लूट का जरिया सीएसपी को बनाया जा रहा है. जिले में कुल खाता धारकों में 26 प्रतिशत सीएसपी से संबद्ध हैं. खाता खुलवाने की आसान प्रक्रिया के कारण इसमें खाता खुलवा कर योजनाओं की राशि का गबन किया जा रहा है.
अररिया : किसानों को अनुदानित दर पर कृषि यंत्र मुहैया कराने के नाम पर जिले में सामने आये करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़ा के मामले में विभिन्न बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्र यानि सीएसपी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है. घोटाला की जांच में जुटी जिलास्तरीय टीम इससे जुड़े कई अन्य पहलुओं को ध्यान में रख कर जांच के दायरे को आगे बढ़ा रही है.
गौरतलब है कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तारवादी नीति के तहत ग्रामीण बैंकिंग सेवा गांव के बिचौलिये और पैसा कमाने की गलत मंशा रखने वाले लोगों के लिए एक स्थायी रोजगार का साधन बन कर उभरा है. छह सालों में जिले में सीएसपी का खूब विस्तार हुआ. इसी कारण सीएसपी में खाता धारकों की संख्या में भी जोरदार तेजी आयी है.
614 सीएसपी के पास हैं साढ़े दस लाख से अधिक खाते: छह सालों में ग्रामीण इलाकों में सीएसपी की संख्या में जबरदस्त तेजी आयी है. मालूम हो कि फिलहाल जिले भर में विभिन्न बैंकों के 614 सीएसपी संचालित किये जा रहे हैं. इनमें कुल खाता धारकों की संख्या दस लाख 43 हजार 302 हैं. सबसे अधिक सीएसपी एसबीआइ के हैं. एसबीआइ के सीएसपी की कुल संख्या जिले में 277 है. इसके बाद उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के 106 सीएसपी, बैंक ऑफ बड़ौदा के 100, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 69 सीएसपी जिले में संचालित हैं. इन प्रमुख बैंकों के साथ एक्सिस बैंक के दस, इलाहाबाद बैंक के 16, बैंक ऑफ इंडिया के दो, केनरा बैंक के एक, पंजाब नेशनल बैंक के आठ, यूको बैंक के 23 और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के दो सीएसपी फिलहाल जिले में संचालित किये जा रहे हैं.
जिले के कुल खाता धारकों में 26 प्रतिशत सीएसपी से हैं संबद्ध
सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र के कुल 20 बैंकिंग संस्थाएं जिलेवासियों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ मुहैया करा रही है. एक अनुमान के मुताबिक इन सरकारी व गैर सरकारी बैंकिंग संस्थाओं की विभिन्न शाखाओं में ही कुल खाता धारकों की संख्या 28 लाख 67 हजार 500 के करीब है. इसमें अगर सीएसपी द्वारा खोले गये बैंक खातों को जोड़ दिया जाय, तो जिले में कुल खाता धारकों की संख्या 39 लाख 10 हजार 852 है. 28 लाख जनसंख्या वाले इस जिले में बैंक खाता धारकों की कुल संख्या अचरज में डालने वाली है. ऐसे में जिले में फर्जी खाता की बहुलता को लेकर सवाल उठना भी लाजमी है. यह इसलिए भी बेहद जरूरी प्रतीत होता है क्योंकि कुल खाते के लगभग 26 प्रतिशत खाते सीएसपी द्वारा खोले गये हैं.
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