बक्सर:गंगा में नाव पलटी, लापता नौ लोगों में से तीन के शव बरामद

Published at :28 Jan 2014 9:09 PM (IST)
विज्ञापन
बक्सर:गंगा में नाव पलटी, लापता नौ लोगों में से तीन के शव बरामद

बक्सर/चौसा:चौसा प्रखंड के बाजार घाट के समीप गंगा नदी में मंगलवार की शाम महिला मजदूर से भरी नाव के अचानक डूबने से 13 महिलाओं की मरने की आशंका व्यक्त की जा रही है.बक्सर के एसपी बाबू कुमार के अनुसार, इनमें से 13 लोगों को ग्रामीणों के सहयोग से सुरक्षित बचा लिया गया है. बुधवार सुबह […]

विज्ञापन
बक्सर/चौसा:चौसा प्रखंड के बाजार घाट के समीप गंगा नदी में मंगलवार की शाम महिला मजदूर से भरी नाव के अचानक डूबने से 13 महिलाओं की मरने की आशंका व्यक्त की जा रही है.बक्सर के एसपी बाबू कुमार के अनुसार, इनमें से 13 लोगों को ग्रामीणों के सहयोग से सुरक्षित बचा लिया गया है. बुधवार सुबह तक तीन शवों को नदी से निकाला जा चुका है.बिहार के बक्सर जिले के चौसा प्रखंड क्षेत्र में कल गंगा नदी में एक नौका दुर्घटना में लापता हुए नौ लोगों में से तीन के शव मिल गये हैं.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिन लोगों के शव मिले हैं उनमें बाबूलाल रामकी (40) पुष्पा कुमारी(19) और सुखवलिया देवी (45) शामिलहैं.

एनडीआरएफ की टीम द्वारा छह अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है. पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के पलिया गांव में काम करने के बाद उक्त नौका पर सवार होकर 21 लोग अपने घर लौट रहे थे तभी तेज बहाव के कारण नौका असंतुलित होकर नदी में पलट गयी.

सभी महिलाएं चौसा प्रखंड के न्यायीपुर गांव की रहनेवाली हैं. घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी रमन कुमार, एसपी बाबूराम और अनुमंडलाधिकारी अवधेश कुमार आनंद मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य में जुट गये. लापता शवों की बरामदगी के लिए गोताखोरों को लगाया गया. सूत्रों ने बताया कि चौसा प्रखंड के न्यायीपुर गांव से प्रतिदिन महादलित टोले की महिलाएं उत्तरप्रदेश के पलिया गांव में टमाटर के खेतों में मजदूरी करने जाती हैं. हर दिन की तरह मंगलवार को भी न्यायीपुर गांव की 22 महादलित परिवार की महिलाएं पलिया गयी हुई थीं.

काम के बाद संध्या समय काम से वापस अपने गांव लौट रही थीं. महिलाएं जिस नाव पर सवार थी उस नाव पर टमाटर और आलू लदा हुआ था. हादसे में बची रमेश राम की पत्नी ललिता देवी बताती हैं कि पलिया घाट से नाव चौसा बाजार घाट की ओर रवाना हुई.

नाव चौसा बाजार घाट से कुछ दूर ही थी कि नाव में पानी भरना शुरू हो गया और देखते-देखते नाव गंगा नदी में डूब गयी. नाव को डूबते हुए देख आसपास के राजू चौधरी सहित कुछ साहसी युवकों ने गंगा में कूद कर बंगा राम की पत्नी पवित्री देवी, रमेश राम की पत्नी राधिका देवी, लाल मोहर राम की पत्नी ललिता देवी, सुखारी राम की पत्नी कुमरिया देवी, किशोरी राम की पत्नी ललिता देवी, निरीश राम की पत्नी मीना देवी, अशोक राम की पुत्री कवि कुमारी, कांग्रेस राम की पत्नी और विजय राम की सात वर्षीय पुत्री रेखा कुमारी की जान बचायी.

नाव दुर्घटना में सुरेंद्र राम की पुत्री प्रियंका कुमारी, अवधेश राम की पुत्री बबली कुमारी, वकील राम की पत्नी सुकरवलिया देवी, बाबूलाल राम की पत्नी, पुत्री चंद्रकाती कुमारी, धनेश्वर राम की पुत्री संगीता कुमारी, दशरथ राम की पुत्री कालिंदी कुमारी और कांग्रेस राम की पुत्री निशा कुमारी सहित 13 महिलाओं के मरने की आशंका व्यक्त की जा रही है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाव छोटी और पुरानी थी. उस पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे. दबाव बढ़ने से उसमें पानी भरना शुरू हुआ और देखते देखते सवार लोगों के साथ नाव में जल समाधि ले ली.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन