प्रभात खबर के 25 साल : लेखकों और कलाकारों को प्रभात खबर ने दिया अवसर : सुलभ

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प्रभात खबर ने पिछले 25 वर्षों से बिहार की सांस्कृतिक और साहित्यिक परिदृश्य पर लगातार खबरें दी हैं. अपने यहां लेखकों, कलाकारों व अन्य बुद्धिजीवियों को इन विषयों पर लिखने का लगातार अवसर दिया है. इससे बिहार की कला-संस्कृति व साहित्य को बढ़ावा मिला है.

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पटना. प्रभात खबर ने पिछले 25 वर्षों से बिहार की सांस्कृतिक और साहित्यिक परिदृश्य पर लगातार खबरें दी हैं. अपने यहां लेखकों, कलाकारों व अन्य बुद्धिजीवियों को इन विषयों पर लिखने का लगातार अवसर दिया है. इससे बिहार की कला-संस्कृति व साहित्य को बढ़ावा मिला है.

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प्रसिद्ध साहित्यकार ऋषिकेश सुलभ ने कहा कि प्रभात खबर शुरुआत से ही स्थानीय मुद्दों को तरजीह देता रहा है और इसी कड़ी में विभिन्न कलाओं को भी बेहतर स्थान इसमें मिलता है.

संस्कृति-साहित्य से जुड़ी नयी प्रतिभाओं को इसने सामने लाने का काम किया है. हम ऐसे दौर में हैं, जहां अखबारों की रुचि ऐसे मुद्दों पर बहुत कम हो गयी है, जिसका घाटा समाज को भुगतना पड़ रहा है.

ऐसी खबरें सभ्य समाज के लिए बेहद जरूरी हैं. प्रभात खबर ने निरंतर यह कोशिश की है कि वह साहित्य-संस्कृति जगत की हलचलों को पाठकों तक पहुंचाये.

समाज के साथ रहा

अखबार समय के साथ तेजी से बदला भी है, लेकिन समाज की नब्ज को इसने हमेशा पकड़ा है. यही कारण है कि मैं और मेरे जैसे अनेक लोग हर दिन अपनी सुबह की शुरुआत प्रभात खबर से करते हैं.

Posted by Ashish Jha

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