पटना: सरपंचों को सूचना देनेवालों को सरकार साइकिल व टॉर्च देगी. श्रम संसाधन मंत्री दुलाल चंद गोस्वामी ने बताया कि इसके अलावा नगरपालिकाओं में फेरी का काम करनेवाली महिलाओं को टोकरी, छाता व चप्पल खरीद कर दिया जायेगा.
घरों में घूम कर काम करनेवाली महिलाओं को साड़ी, चप्पल, टॉर्च और छाता दिया जायेगा. ऐसे कामगारों को चिह्न्ति किया जा रहा है. श्री गोस्वामी गुरुवार को दीपनारायण सिंह क्षेत्रीय प्रबंध संस्थान में ‘बिहार के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के मुद्दे व चुनौती’ पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे. इसका आयोजन बिहार आर्थिक अध्ययन संस्थान द्वारा किया गया था.
उन्होंने कहा कि कामगारों को सरकार की ओर यह सुविधा इसलिए दी जा रही है, ताकि काम करानेवाले भी उनके साथ सम्मान का भाव रखे. ऐसे कामकागरों पर सरकार की नजर रहेगी, तो कोई उनके साथ अमानवीय व्यवहार नहीं करेगा. राज्य में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए दुर्घटना बीमा की सुविधा दी जा रही है. इसके अलावा प्रवासी मजदूरों के निबंधन के लिए प्रखंडों में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों के कार्यालयों को सशक्त बनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अभी तक राज्य में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का कोई विश्वसनीय डाटा नहीं है. सरकारी योजनाओं का लाभ कामगारों को मिले इसके लिए श्रमिक संगठनों को भी काम करना चाहिए. पूर्व आइएएस अधिकारी आइसी कुमार ने कहा कि विश्व के साढ़े तीन फीसदी लोगों के पास 96 फीसदी संपत्ति है.
यह आर्थिक विषमता का सूचक है. ऐसे में श्रमिकों का कल्याण असंभव है. उन्होंने बताया कि राज्य व क्षेत्रों दोनो स्तर पर असमानता है. इस कमी को दूर कर मजदूरों के कल्याण का रास्ता साफ किया जा सकता है. डॉ प्रवीण सिन्हा ने बताया कि सरकार की सभी कलयाणकारी योजनाओं का ईमानदारी से अमलीजामा पहनाकर उनकी हालत में सुधार किया जा सकता है. सेमिनार को अवकाश प्राप्त आइएएस पदाधिकारी राम उपदेश सिंह व पटना कॉलेज के प्राचार्य डॉ एनके चौधरी ने भी संबोधित किया. इस मौके पर राम उदार झा, डॉ डीएन झा मौजूद थे.