आज शाम तक पानी निकालो नहीं तो होगी कार्रवाई: जीतन राम

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना: मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पटना में छह दिनों से जारी जलजमाव को गंभीरता से लिया है. उन्होंने मंगलवार को नगर विकास विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित एक दर्जन से अधिक विभागों के प्रधान सचिवों के साथ बैठक की और चेतावनी दी कि यदि बुधवार की शाम तक पूरा शहर जलजमाव से मुक्त नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी.

समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि सरकार पटना से जलजमाव खत्म के प्रति पूरी तरह गंभीर है. अधिकारियों ने काम नहीं किया है. चार-पांच साल पहले निगम को मशीन खरीदने के लिए 27 करोड़ रुपये दिये गये थे. मशीनों की खरीद नहीं हुई. संप हाउस चालू नहीं कर सके. इसके कारण पटना में जमे वर्षा के पानी को पुनपुन नदी में गिराने की योजना अधर में ही रह गयी है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवंबर से ही अगले बरसात के लिए तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया और कहा कि इसमें विफल रहने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी.

बाढ़ को लेकर उन्होंने कहा कि बुधवार की सुबह मैं पीड़ित जिलों के डीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये स्थिति का जायजा लूंगा. जहां जरूरत हुई, वहां तत्काल राहत कार्य शुरू किया जायेगा. अधिकारियों के साथ समीक्षा के बाद शाम में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात करूंगा और राज्य की ताजा हालात के बारे में अवगत कराते हुए विशेष सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध करूंगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को जब मैं मोतिहारी में चुनाव प्रचार के लिए गया था, तो उस समय केंद्रीय गृह मंत्री का फोन आया था. उनकी चिंता रेल दुर्घटना को लेकर थी. वह जानना चाह रहे थे कि कहीं इस घटना में उग्रवादियों का हाथ तो नहीं. लेकिन, मैंने उन्हें बताया कि रेलवे की गलती से यह दुर्घटना हुई है. उसी दौरान गृह मंत्री ने बाढ़ की भी जानकारी ली. मैंने बताया कि नालंदा जिले में जान-माल की क्षति हुई है. अन्य जगहों पर पानी है, पानी निकलने पर तत्काल राहत कार्य चलायेंगे.

कम मुआवजे पर आपत्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री से बातचीत में मैं रेलवे के मुआवजे में बिहार के साथ भेदभाव की शिकायत करूंगा. उन्होंने कहा कि हाल ही में यूपी में जब ट्रेन दुर्घटना हुई थी, तो पीड़ितों के परिजनों को पांच-पांच लाख का मुआवजा दिया गया, जबकि मोतिहारी में रेलवे की गलती से हुई ट्रेन दुर्घटना में मारे गये लोगों के परिजनों को सिर्फ दो-दो लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गयी.

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