Sachin Tendulkar: शिक्षक दिवस पर पिता रमेश तेंदुलकर की याद में शुरू की फेलोशिप, युवाओं को मिलेगा आर्थिक सहयोग

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सचिन (फोटो—एक्स)

सचिन तेंदुलकर ने टीचर्स डे 2026 के अवसर पर अपने पिता रमेश तेंदुलकर की याद में एक खास फेलोशिप शुरू करने की घोषणा की है. य​ह फेलोशिप छात्रों को विशेष प्रशिक्षण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी. जानिए पूरी डिटेल्स...

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Sachin Tendulkar: भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने शिक्षक दिवस के मौके पर अपने पिता और प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर को याद करते हुए एक खास पहल की घोषणा की है. सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन ने उनके नाम पर प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर मेमोरियल फेलोशिप शुरू की है. इसके तहत युवा डॉक्टरों को Cleft और Craniofacial Care में विशेष प्रशिक्षण के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी.

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पिता रमेश तेंदुलकर से मिली ईमानदारी की सीख

लेखक, कवि और प्रोफेसर रहे रमेश तेंदुलकर ने सचिन के जीवन में पिता के साथ-साथ एक शिक्षक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाई. उन्होंने सचिन को क्रिकेट खेलने की पूरी आजादी दी, लेकिन साथ ही जीवन में ईमानदारी और अच्छे चरित्र को हमेशा प्राथमिकता देने की सीख भी दी.

सचिन ने अपने पिता की एक अहम सीख को याद करते हुए कहा कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन बेईमानी करना गलत है. रमेश तेंदुलकर ने उन्हें कभी शॉर्टकट अपनाने की सलाह नहीं दी. सचिन के मुताबिक, उनके पिता ने उनके लिए जिंदगी का रास्ता तय करने के बजाय उन्हें खुद अपनी क्षमता पहचानने का भरोसा दिया. यही एक अच्छे शिक्षक और मेंटर की खासियत होती है-वह किसी व्यक्ति के अंदर छिपी संभावना को उससे पहले पहचान लेता है, जब वह खुद उसे समझ पाता है.

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पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश

सचिन ने कहा कि उनके लिए यह Fellowship सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उनके पिता की सोच और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम है. रमेश तेंदुलकर का मानना था कि शिक्षा अवसर पैदा करती है और उस अवसर का असली महत्व तब होता है, जब उसका इस्तेमाल दूसरों की सेवा के लिए किया जाए. इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए इस Fellowship के जरिए युवा डॉक्टरों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण का अवसर दिया जाएगा.

युवाओं को अवसर देने पर जोर

सचिन तेंदुलकर ने भारत में मौजूद युवा प्रतिभाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. कोई बच्चा क्रिकेट में बेहतर कर सकता है, कोई पढ़ाई में तो किसी में किसी दूसरे क्षेत्र की प्रतिभा हो सकती है.

हालांकि, कई बार इन प्रतिभाशाली बच्चों और युवाओं को सही कोच, मेंटर, सीखने का माहौल और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पातीं. सचिन का कहना है कि उनकी कोशिश है कि युवाओं को खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में समान अवसर मिलें, ताकि वे अपनी क्षमता को पहचानकर आगे बढ़ सकें.

अपने संदेश के अंत में सचिन तेंदुलकर ने सभी शिक्षकों और मेंटर्स को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें अपना रास्ता खोजने का आत्मविश्वास दिया और अपना पूरा जीवन दूसरों को शिक्षित करने तथा उनका मार्गदर्शन करने में लगाया.

प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर मेमोरियल फेलोशिप क्या है?

शिक्षक दिवस के मौके पर सचिन तेंदुलकर ने प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर मेमोरियल फेलोशिप शुरू करने की घोषणा की. इस पहल के तहत हर साल एक MD (Doctor of Medicine) को एक साल के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी. यह प्रशिक्षण श्रीनगर में Cleft और Craniofacial Care यानी कटे होंठ, तालू और चेहरे से जुड़ी जटिल स्थितियों के उपचार में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए होगा.

Fellowship की खास बातें

  • नाम: Professor Ramesh Tendulkar Memorial Fellowship
  • शुरुआत: Sachin Tendulkar Foundation
  • पार्टनर: Inga Health Foundation
  • लाभार्थी: हर साल एक MD
  • अवधि: एक साल
  • प्रशिक्षण क्षेत्र: Cleft और Craniofacial Care
  • स्थान: श्रीनगर

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