रवींद्र जडेजा का वनडे करियर खतरे में? चयनकर्ताओं की पहली पसंद बने अक्षर पटेल
रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल (एक्स)
Ravindra Jadeja ODI Future: रवींद्र जडेजा के वनडे करियर पर बड़ा सवाल. वर्ल्ड कप की तैयारी में चयनकर्ता अक्षर पटेल को दे रहे हैं प्राथमिकता. जानिए पूरी वजह.
Ravindra Jadeja ODI Future: भारतीय क्रिकेट में रवींद्र जडेजा के वनडे करियर पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है. आगामी वर्ल्ड कप की तैयारियों को देखते हुए चयनकर्ता अक्षर पटेल को मुख्य स्पिन ऑलराउंडर के तौर पर देख रहे हैं. जडेजा की वापसी मुश्किल नजर आ रही है. रिपोर्ट के अनुसार, टीम मैनेजमेंट अब वनडे क्रिकेट में ऐसे स्पिन ऑलराउंडर की तलाश में है, जो गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी टीम को मजबूती दे सके. इसी भूमिका के लिए अक्षर पटेल को जडेजा के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.
इंग्लैंड के खिलाफ अक्षर का शानदार प्रदर्शन
अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया. बर्मिंघम में खेले गए मुकाबले में उन्होंने पहले गेंद से कमाल दिखाते हुए अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 4 विकेट हासिल किए. इसके बाद मुश्किल परिस्थिति में बल्लेबाजी करते हुए अक्षर ने नाबाद अर्धशतक लगाया और भारत को छह विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
अक्षर-वॉशिंगटन की जोड़ी पर निर्भर
मौजूदा विदेशी दौरों में भारतीय टीम बिना किसी अनुभवी फ्रंटलाइन स्पिनर के मैदान पर उतर रही है. कुलदीप यादव लगातार प्लेइंग इलेवन से बाहर चल रहे हैं. टीम मैनेजमेंट फिलहाल स्पिन की जिम्मेदारी अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर की जोड़ी को सौंप रहा है. दोनों खिलाड़ी बल्लेबाजी में भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं, जिससे टीम का संतुलन बेहतर होता है.
जडेजा की गेंदबाजी और बल्लेबाजी पर उठे सवाल
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयनकर्ता वनडे फॉर्मेट में जडेजा को पहली पसंद के स्पिनर के तौर पर वापस लाने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं. टीम सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सफेद गेंद क्रिकेट में जडेजा की गेंदबाजी पिछले कुछ समय से उम्मीद के मुताबिक प्रभावी नहीं रही है. बीसीसीआई सूत्र ने कहा, “चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में जडेजा को इसलिए मौका दिया गया था क्योंकि दुबई की पिचों पर स्पिन को मदद मिलने की उम्मीद थी.” सूत्र ने यह भी कहा कि जडेजा की पावर हिटिंग अब 2019 वनडे वर्ल्ड कप के स्तर की नहीं रही है, जिससे टीम को निचले क्रम में वैसी आक्रामक बल्लेबाजी का फायदा नहीं मिल रहा है.
जडेजा का न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रदर्शन
हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी जडेजा का प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा था. तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने सिर्फ 43 रन बनाए. उनका बल्लेबाजी औसत 14.33 और स्ट्राइक रेट 66.15 रहा. वहीं गेंद से भी वह बड़ा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे. भारत को इस सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था.
अक्षर के सामने भी चुनौतियां बरकरार
हालांकि अक्षर पटेल का दावा मजबूत हुआ है, लेकिन विदेशी परिस्थितियों में उनका रिकॉर्ड अभी पूरी तरह प्रभावशाली नहीं रहा है. दक्षिण अफ्रीका में मिली सीमित वनडे मौकों में अक्षर तीन मैचों में सिर्फ 8 रन बना सके और केवल एक विकेट हासिल किया. इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट को लगता है कि अक्षर बल्लेबाजी में ज्यादा उपयोगी विकल्प साबित हो सकते हैं. वर्ल्ड कप की टीम तैयारियों में भारत ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देना चाहता है, जो टॉप-7 में बल्लेबाजी कर सकें और साथ ही नियमित ओवर भी डाल सकें.
क्या जडेजा का वनडे सफर खत्म हो गया?
रवींद्र जडेजा भारतीय वनडे इतिहास के सबसे सफल ऑलराउंडरों में शामिल हैं. उन्होंने 210 वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बल्ले और गेंद दोनों से कई यादगार प्रदर्शन किए हैं. हालांकि उम्र, फॉर्म और टीम संयोजन को देखते हुए अब चयनकर्ता भविष्य की ओर देख रहे हैं. अगर अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो जडेजा के लिए वनडे टीम में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम का फोकस ऐसे संतुलित संयोजन पर है, जिसमें स्पिन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी की गहराई भी बनी रहे. इसी रणनीति के चलते अक्षर पटेल को जडेजा के उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है.
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