न बल्लेबाज, न गेंदबाज… फिर भी 9 साल तक टीम इंडिया के साथ रहा ये शख्स, कहानी कर देगी हैरान

हार्दिक पंड्या के साथ मसाज थेरेपिस्ट राजीव कुमार (एक्स)
Rajeev Kumar Team India Massage Therapist Story: पूर्व टीम इंडिया मैस्यूर राजीव कुमार की प्रेरणादायक कहानी, जिन्होंने संघर्ष से सफलता तक का सफर तय कर भारतीय क्रिकेट टीम और दिग्गज खिलाड़ियों के साथ काम किया.
Rajeev Kumar Team India Massage Therapist Story: क्रिकेट की दुनिया में सिर्फ बल्लेबाज, गेंदबाज और कप्तान ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले लोग भी सफलता की कई कहानियां लिखते हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है टीम इंडिया के पूर्व मैस्यूर (Massage Therapist) राजीव कुमार की, जिन्होंने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर न सिर्फ भारतीय क्रिकेट टीम तक का सफर तय किया, बल्कि अपने गांव के युवाओं के लिए भी नई राह तैयार कर दी. कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाले राजीव कुमार आज दुनिया के बड़े क्रिकेट खिलाड़ियों के साथ काम कर चुके हैं. भारतीय टीम के साथ करीब 9 साल तक जुड़े रहने के बाद भले ही 2025 में उनका बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया, लेकिन उनकी सफलता की कहानी आज भी कई लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई है.

आसान नहीं था सफर
राजीव कुमार ने राजस्थान की जोधपुर यूनिवर्सिटी से मसाज थैरेपी में डिप्लोमा किया था. इसके बाद बेहतर अवसरों की तलाश में वह दिल्ली पहुंचे. लेकिन यहां शुरुआती दौर बेहद मुश्किल रहा. काम की तलाश, सीमित आर्थिक साधन और खुद को साबित करने की चुनौती के बीच राजीव ने लगातार मेहनत जारी रखी. वह छोटे-छोटे अवसरों को भी पूरी ईमानदारी से निभाते गए और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनानी शुरू की. उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव साल 2004 में आया, जब उनकी मुलाकात भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा से हुई.
धोनी से मुलाकात ने बदली करियर की दिशा
आशीष नेहरा ने राजीव की काबिलियत को पहचाना और उन्हें दिल्ली रणजी टीम से जुड़ने का मौका दिलाया. इसके बाद राजीव कई वर्षों तक दिल्ली रणजी टीम के मैस्यूर रहे. यहीं से उनके करियर को नई दिशा मिली. इसके बाद उन्हें आईपीएल, इंडियन सुपर लीग और प्रो कबड्डी लीग जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में काम करने के अवसर मिलने लगे. साल 2015 में आशीष नेहरा ने ही राजीव कुमार की मुलाकात उस समय के भारतीय कप्तान एमएस धोनी से करवाई. इसके अगले साल यानी 2016 में राजीव टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बन गए.
नेहरा की मदद से खुले करियर के नए रास्ते
राजीव कुमार अपने करियर में आशीष नेहरा के योगदान को सबसे अहम मानते हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि नेहरा ने उनके लिए कई महत्वपूर्ण मौके तैयार किए. राजीव ने कहा कि उनके करियर के हर बड़े पड़ाव पर नेहरा का साथ मिला. 2009 के आईपीएल में भी नेहरा ने कई जगह उनकी सिफारिश की, जिससे उन्हें नए अवसर मिले और उनका अनुभव बढ़ता गया.
राजीव की उपलब्धि बनी युवाओं के लिए प्रेरणा
राजीव कुमार की सफलता का असर सिर्फ उनकी जिंदगी तक सीमित नहीं रहा. उनकी उपलब्धियों ने उनके गांव के युवाओं को भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. राजीव के मुताबिक, उनके गांव के करीब 50 लड़के-लड़कियां अब मसाज थैरेपी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. इनमें कई रणजी टीमों, आईपीएल फ्रेंचाइजी और भारतीय टीमों से जुड़े हुए हैं. कुछ युवाओं ने योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में भी अपना करियर बनाया है. राजीव के लिए यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है कि उनकी सफलता से दूसरे लोगों को भी रास्ता मिला.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर कैसे तय हुआ
राजीव कुमार का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा. एक समय ऐसा था जब वह दिल्ली की बसों में भीड़ के बीच सफर करते थे और उनकी कमाई सिर्फ 100 रुपये महीने थी. लेकिन मेहनत और धैर्य के दम पर उन्होंने अपनी किस्मत बदल दी. आज वह दुनिया के कई देशों की यात्रा कर चुके हैं और उन खिलाड़ियों के साथ काम कर चुके हैं, जिन्हें देखने के लिए करोड़ों क्रिकेट फैंस उत्साहित रहते हैं.
टीम इंडिया से अलग होने के बाद भी जारी है सफर
बीसीसीआई का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी राजीव कुमार क्रिकेट से जुड़े हुए हैं. फिलहाल वह फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सक्रिय हैं और इंग्लैंड में खेले जाने वाले ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट की टीम सदर्न ब्रेव के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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By ऋतु राज
ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.
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