भगवान शिव पर तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती? जानें इसके पीछे का रहस्य

Published by : Neha Kumari Updated At : 28 Mar 2026 3:54 PM

विज्ञापन

तुलसी का पौधा

Bhagwan Shiva: हिंदू धर्म में ज्यादातर देवी-देवताओं की पूजा में तुलसी का उपयोग किया जाता है, लेकिन देवों के देव महादेव के पूजन में इसे वर्जित माना गया है. आइए, एक पौराणिक कथा के माध्यम से इसके पीछे का रहस्य जानते हैं.

विज्ञापन

Bhagwan Shiva: भगवान शिव हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं. इन्हें संहारक, भोलेनाथ, आदियोगी और देवों के देव महादेव के नाम से भी जाना जाता है. शास्त्रों में महादेव को अत्यंत भोला बताया गया है. कहा जाता है कि महादेव केवल सच्ची भक्ति देखते हैं. जहां बाकी देवी-देवताओं की पूजा में तरह-तरह के सुगंधित फल और मिठाइयों का अर्पण किया जाता है, वहीं महादेव मात्र एक बेलपत्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं. महादेव सच्चे मन से चढ़ाई गई हर चीज को स्वीकार करते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जब महादेव हर चीज स्वीकार करते हैं, तो उनकी पूजा में पवित्रता का प्रतीक तुलसी का अर्पण वर्जित क्यों है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब इस लेख में.

पौराणिक कथा

शिव पुराण के अनुसार, प्राचीन काल में जालंधर नाम का एक शक्तिशाली असुर था. जालंधर भगवान शिव के अंश से उत्पन्न हुआ था, लेकिन स्वभाव से अत्यंत क्रूर और अधर्मी था. उसकी शक्ति का सबसे बड़ा रहस्य उसकी पत्नी वृंदा का पतिव्रत धर्म था.

भगवान शिव और जालंधर के बीच युद्ध

वृंदा भगवान विष्णु की परम भक्त और अत्यंत पवित्र स्त्री थीं. उनके सतीत्व और तप के बल के कारण कोई भी देवता जालंधर को पराजित नहीं कर पा रहा था. जालंधर के बढ़ते अत्याचारों से परेशान होकर सभी देवता भगवान शिव की शरण में पहुंचे. तब भगवान शिव ने देवताओं की रक्षा के लिए जालंधर से युद्ध किया.

भगवान विष्णु का छल और वृंदा का श्राप

वृंदा के पुण्यों के कारण भगवान शिव जालंधर का वध नहीं कर पा रहे थे. तब भगवान विष्णु ने जालंधर का रूप धारण किया और वृंदा के महल में पहुंचे. वृंदा ने उन्हें अपना पति समझकर उनका स्वागत किया, जिससे उनका पतिव्रत धर्म खंडित हो गया. जैसे ही वृंदा का सतीत्व भंग हुआ, भगवान शिव ने जालंधर का वध कर दिया.

सत्य का पता चलने पर वृंदा अत्यंत क्रोधित हुईं और उन्होंने भगवान विष्णु को श्राप दिया. भगवान विष्णु ने वृंदा को बहुत समझाया कि उन्होंने यह सब संसार की रक्षा के लिए किया, लेकिन वृंदा ने उनकी बात नहीं मानी. जिसके बाद भगवान शिव ने वृंदा को पौधा बनने का श्राप दिया.

तुलसी का जन्म

जालंधर के वध के बाद वृंदा ने स्वयं को अग्नि के हवाले कर दिया. जहां उनकी राख गिरी, वहां तुलसी का पौधा उत्पन्न हुआ. तुलसी (वृंदा) के पति जालंधर का वध भगवान शिव ने किया था, इसलिए वे शिवजी को अपना शत्रु मानती थीं. इसी कारण तुलसी ने स्वयं को शिव पूजा में अर्पित होने से वर्जित कर लिया.

यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी खबरें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Prabhat Khabar

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola