3 साल बाद आई परमा एकादशी 2026: श्रीहरि की कृपा से दूर होगी आर्थिक तंगी, जानें व्रत, मुहूर्त और धन लाभ के उपाय

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Parama Ekadashi 2026

परमा एकादशी का शुभ मुहूर्त

Parama Ekadashi 2026: परमा एकादशी इस साल 3 साल बाद आई है, जिसका विशेष महत्व है. जानें व्रत की तिथि, पारण मुहूर्त, धार्मिक महत्व और धन-संपत्ति प्राप्ति से जुड़े लोकप्रिय उपाय.

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Parama Ekadashi 2026: अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में आने वाली परमा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पुण्यदायी एकादशियों में से एक मानी जाती है. यह व्रत केवल पुरुषोत्तम मास में ही आता है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व विशेष रूप से बढ़ जाता है. सनातन धर्म ग्रंथों में वर्णित मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक परमा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. पंडित पुरनेंदु पाठक के अनुसार, कई धार्मिक ग्रंथों में इसे महान यज्ञों और पुण्य कर्मों के समान फलदायी बताया गया है.

परमा एकादशी 2026: तिथि और पारण का शुभ मुहूर्त

वर्ष 2026 में परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 11 जून को प्रातः 12:57 बजे प्रारंभ होगी और उसी दिन रात्रि 10:36 बजे समाप्त होगी.

परमा एकादशी 2026 का शुभ पूजा मुहूर्त

भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना के लिए 11 जून को सुबह 10:36 बजे से दोपहर 02:05 बजे तक का समय अत्यंत शुभ माना गया है. इस दौरान विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है.

परमा एकादशी 2026 व्रत पारण का समय

परम एकादशी व्रत का पारण 12 जून 2026, शुक्रवार को किया जाएगा. पारण के लिए शुभ समय सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी अवधि में व्रत खोलना श्रेष्ठ माना जाता है.

धार्मिक मान्यता है कि निर्धारित समय में पारण करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

क्यों माना जाता है अत्यंत फलदायी व्रत?

‘परमा’ शब्द का अर्थ है ‘श्रेष्ठ’ या ‘सर्वोत्तम’. पुराणों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है. भक्त विष्णु सहस्रनाम का पाठ, जप और दान-पुण्य करके विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं. धार्मिक परंपराओं में यह भी माना जाता है कि जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.

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धन लाभ और समृद्धि के लिए 3 लोकप्रिय उपाय

तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं

एकादशी की संध्या बेला में तुलसी के पौधे के समीप घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण करें. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और लक्ष्मी कृपा बढ़ती है.

माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं

साबूदाना या मखाने की खीर बनाकर माता लक्ष्मी को अर्पित करें. बाद में इसे प्रसाद स्वरूप परिवार और जरूरतमंदों में वितरित करें.

तिजोरी में रखें पीली कौड़ियां

पूजा के समय पीले वस्त्र में 11 कौड़ियां या सिक्के बांधकर भगवान के समक्ष रखें. पूजा पूर्ण होने के बाद इन्हें तिजोरी या धन रखने के स्थान पर स्थापित करें.

धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संदेश

धार्मिक मान्यताओं और पुराणों में वर्णित परंपराओं के अनुसार, परमा एकादशी का व्रत भक्ति, संयम और सेवा का पर्व है. श्रद्धालुओं को व्रत के साथ सदाचार, दान और भगवान विष्णु के नाम-स्मरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए. धार्मिक उपाय आस्था पर आधारित होते हैं और इनके फल को लेकर विभिन्न मान्यताएं प्रचलित हैं.

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शौर्य पुंज

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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