Pradosh Vrat: 5 आसान काम करने से प्रसन्न होंगे महादेव, 2 दिन बाद प्रदोष व्रत का संयोग

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शिवलिंग पर फूल-बेलपत्र अर्पित करती महिला (इमेज-एआई)

Bhaum Pradosh Vrat Upay: भौम प्रदोष व्रत 8 सितंबर को रखा जाएगा. इस दिन भक्त भगवान शिव की विशेष कृपा पाकर जीवन की बाधाओं को दूर कर सकते हैं. जानें 5 अचूक उपाय जो आपको धन, सुख और पापों से मुक्ति दिला सकते हैं.

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Pradosh Vrat Upay: पंचांग के अनुसार, प्रत्येक हिंदी महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है.मिथिला और ठाकुर प्रसाद पंचांग के अनुसार, मंगलवार, 8 तारीख को सितंबर महीने का पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा. मंगलवार को प्रदोष व्रत का संयोग बनने के कारण इसे 'भौम प्रदोष' के रूप में मनाया जाएगा. धर्मशास्त्र और पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न कर उनकी कृपा पाने के लिए 5 आसान उपाय कारगर साबित होते हैं.

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संचित पाप कर्मों से मुक्ति के लिए बेलपत्र चढ़ाएं

मंगलवार को प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान भगवान शिव को भांग के पत्ते, बेलपत्र और गंगाजल अर्पित करें. शिव पुराण में वर्णित एक कथा के अनुसार, ये चीजें भगवान शिव को बेहद पसंद हैं.

बिल्वाष्टकम् स्तोत्र में वर्णित एक श्लोक ("त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्, त्रिजन्म पापसंहारम् एकबिल्वं शिवार्पणम्") के मुताबिक, प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान उन्हें बेलपत्र अर्पित करने से तीनों जन्म के संचित पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं.

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सुख-समृद्धि और धन के लिए क्या करें

भगवान शिव को गन्ने के रस से अभिषेक करें. शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत की पूजा के समय उन्हें गन्ने का रस चढ़ाने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है. इसके अलावा जीवन में सुख, ऐश्वर्य और आर्थिक समृद्धि आती है.

दूध और काले तिल का अभिषेक करने से दूर होते हैं कष्ट

यजुर्वेद के अनुसार, प्रदोष काल के दौरान शिव जी को गाय के दूध में काले तिल मिलाकर शिवजी का अभिषेक करने से शारीरिक कष्ट दूर होते हैं. इस उपाय से मानसिक विकार दूर होने की मान्यता भी है.

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नौकरी-व्यापार में तरक्की के लिए शिवजी को चढ़ाएं शमी के पत्ते

भौम प्रदोष व्रत पर प्रदोष काल की पूजा में शिवजी को कम के कम 11 शमी के पत्ते अर्पित करें. शिव पुराण के अनुसार, ऐसा करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है. साथ ही नौकरी और व्यापार में तरक्की के रास्ते खुलते हैं.

भौम प्रदोष व्रत मुहूर्त

विवरणसमय/तिथि
व्रत का नामभौम प्रदोष व्रत
दिनांक8 सितंबर 2026, मंगलवार
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ8 सितंबर 2026, दोपहर 2:42 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त9 सितंबर 2026, दोपहर 12:30 बजे
प्रदोष काल पूजा मुहूर्त8 सितंबर 2026, शाम 6:35 बजे से रात 8:52 बजे तक
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