झारखंड : मुख्य सचिव की आपत्ति के बाद हटाये गये 28 विशेषज्ञ,कल्याण विभाग ने रिटायर्ड अधिकारियों को किया था बहाल

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झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की आपत्ति के बाद कल्याण विभाग द्वारा बहाल किये गये 28 विशेषज्ञों को हटा दिया गया है. बताया गया कि वित्त एवं कार्मिक विभाग से बिना अनुमति के ही विशेषज्ञ के नाम पर इंटरव्यू के जरिये बहाली की गयी थी.

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रांची, आनंद मोहन : कल्याण विभाग में बहाल किये गये 28 विशेषज्ञों को हटा दिया गया है. विभाग के सचिव के श्रीनिवासन की पहल पर एक इंटरव्यू कमेटी बनाकर यह बहाली की गयी थी. महज साक्षात्कार के जरिये मार्च 2023 में बहाल हुए विशेषज्ञों में रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर, बैंकिंग और शिक्षा सेवा से जुड़े अधिकारी शामिल थे. अलग-अलग सेवा से जुड़े इन अधिकारियों के लिए 60 से 75 हजार रुपये मानदेय तय किया गया था. इन अफसरों को एक महीने का मानदेय भी दिया गया.

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बिना अनुमति के ही हुई थी बहाली

सबसे अहम बात यह है कि विभाग ने इन विशेषज्ञों की बहाली के लिए वित्त एवं कार्मिक विभाग से अनुमति भी नहीं ली थी. बहाल किये गये 28 विशेषज्ञों में से 24 कल्याण निदेशालय और चार विभागीय मुख्यालय में सेवा दे रहे थे. विभाग की इस अस्थायी बहाली पर सरकार की ओर से सवाल उठाये गये. इसके बाद मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने आपत्ति जतायी. इसके बाद विभागीय सचिव ने 29 मई को इन विशेषज्ञों को हटाने का निर्देश जारी कर दिया.

योजनाओं की मॉनिटरिंग का दिया था जिम्मा, बहाली में पैरवी भी चली

विभाग ने विशेषज्ञ के रूप में बहाल किये गये रिटायर्ड अधिकारियों को विभागीय योजना की मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया था. इनके जिम्मे अलग-अलग योजनाओं का फॉलो-अप करना था. ये जिला कल्याण अधिकारियों के केवल डाटा जुटाने का काम करते थे. धरातल पर इनका कोई काम नहीं था. वहीं, सूचना के मुताबिक इनकी बहाली में कायदे-कानून का पालन नहीं किया. किसी तरह के आरक्षण का भी ख्याल नहीं रखा गया. सूचना के मुताबिक इनकी बहाली में पैरवी भी चली थी.

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इंटरव्यू समिति ने बहाल करने की नहीं की थी अनुशंसा

विभागीय स्तर पर इनकी बहाली के लिए एक तीन स्तरीय इंटरव्यू बोर्ड बनाया गया था. इंटरव्यू के लिए 50 से ज्यादा आवेदक पहुंचे थे. इसमें 28 लोगों को बहाल किया गया. सूचना के मुताबिक तीन सदस्यीय कमेटी ने इनको बहाल करने की अनुशंसा नहीं की थी. कमेटी ने इंटरव्यू कर ग्रेड बना दिया.

ये हुए थे विशेषज्ञ के तौर पर बहाल

प्रशासनिक सेवा के रिटायर्ड अफसर : सुरेंद्र कुमार वर्मा, अभय कुमार सिन्हा, अजितेश कुमार और शंकर यादव

वित्त सेवा के रिटायर्ड अफसर : बेर्नादेत्त डुंगडुंग

पशुपालन सेवा के रिटायर्ड अफसर : राम सेवक राम

रिटायर्ड इंजीनियर : हरेंद्र कुमार मिश्रा, दिनेश रजक, सच्चिदानंद प्रसाद, प्रदीप मिश्रा, चितरंजन वर्मा, ओम प्रकाश सिंह, विनोद कुमार सिंह

बैकिंग सेवा से रिटायर्ड अधिकारी : प्रकाश कुमार, सुरेंद्र कुमार सिंह, लखन लाल रजक, प्रवीण चंद्र गुप्ता, अशोक तिर्की, बालेश्वर द्विवेदी, डॉ शेख असीम

शिक्षा सेवा से रिटायर्ड अफसर : रामनाथ राम, रतन कुमार महावर, उदय प्रताप चौधरी, सुरेश प्रसाद मेहता, दिनेश उपाध्याय, अरविंद प्रसाद और मनोज कुमार.

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