शिवसेना के लिए सबक
Updated at : 01 Mar 2017 6:32 AM (IST)
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हाल ही में हुए महाराष्ट्र निकाय चुनावों में शिवसेना पहले व भाजपा दूसरे स्थान पर रही. शिवसेना के लिए नतीजे चौंकानेवाले रहे हैं भले ही वह पहले स्थान पर रही, पर भारतीय जनता पार्टी ने जो कड़ी टक्कर दी, वह काबिले तारीफ है. शिवसेना अब एक ऐसी पार्टी बन गयी है जो गुंडागर्दी को शह […]
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हाल ही में हुए महाराष्ट्र निकाय चुनावों में शिवसेना पहले व भाजपा दूसरे स्थान पर रही. शिवसेना के लिए नतीजे चौंकानेवाले रहे हैं भले ही वह पहले स्थान पर रही, पर भारतीय जनता पार्टी ने जो कड़ी टक्कर दी, वह काबिले तारीफ है. शिवसेना अब एक ऐसी पार्टी बन गयी है जो गुंडागर्दी को शह देती है, उसके अपने कोई वसूल और सिद्धांत नहीं रह गये हैं.
हिंदुत्व का नारा लगाती पार्टी को हिंदुत्व से कोई मतलब ही नहीं रहा. असल बात तो यह है कि शिवसेना ने अपनी जड़ें काटकर अपने शासन के वटवृक्ष को कमजोर बना दिया है. उद्धव ठाकरे ने बाला साहेब ठाकरे के सिद्धांतों को दरकिनार कर रखा है. पर्यूषण पर जब सरकार ने कत्लखाने बंद रखने का आदेश दिया तो शिवसेना ने मंदिरों व पवित्र जिनालयों के सामने मांस की दुकानें लगायी. समय आ गया है कि शिवसेना एक बार आत्मचिंतन करे.
डॉ शिल्पा जैन सुराना, वारंगल
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